

BMC Proposals Stalled After Aaditya Thackeray News Update: देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका मुंबई महानगरपालिका में इस साल पहली बार भाजपा ने बहुमत हासिल कर अपनी सत्ता स्थापित की है। इसलिए मनपा में फिलहाल भाजपा-शिंदे महायुति द्वारा दिए जा रहे आदेशों का दबदबा देखा जा रहा है।
लेकिन शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे के आक्रामक रुख के बाद मनपा के चार प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए भेज दिया गया है और सुधार समिति में प्रशासन को इन प्रस्तावों पर पीछे हटना पड़ा है।
इस पूरे मामले में सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हस्तक्षेप किया है। भाजपा विधायक मिलिंद नार्वेकर ने यह दावा किया है। खास बात यह है कि आदित्य ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री से फोन पर बात की। वहीं आदित्य ठाकरे ने इस स्थगन निर्णय का स्वागत करते हुए इसे 'मुंबईकरों की जीत' बताया है।
इस घटनाक्रम के बाद मुंबई की राजनीति में बड़ी हलचल देखी जा रही है। आदित्य ठाकरे के आक्रामक रुख के बाद सुधार समिति के चार विवादित प्रस्ताव प्रशासन को वापस भेज दिए गए, आदित्य ठाकरे ने पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि मुंबई की जमीनों को हड़पने के लिए शिंदे सेना ये प्रस्ताव ला रही है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात 'मातोश्री' से सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन गया। इसके बाद आदित्य ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री से बातचीत की। मिलिंद नार्वेकर ने भी फडणवीस को मध्यरात्रि में फोन कर इन प्रस्तावों में मौजूद कथित त्रुटियों की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने भाजपा नगरसेवकों से रिपोर्ट मांगी और प्रस्तावों को मंजूरी न देने के निर्देश दिए।