
मुंबई कचरा अलग करने के नियम (सौ सोशल मीडिया )
Mumbai Garbage Segregation: बीएमसी घरेलू खतरनाक कचरे को अलग न करने पर जुर्माना लगाने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की तरफ से इसी सप्ताह अधिसूचित किए गए नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम, 2026 के अनुरूप शहर के ठोस कचरा प्रबंधन नियमों में किए जाने वाले बदलावों का हिस्सा है।
1 अप्रैल से देशभर की शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों में सख्त ठोस कचरा प्रबंधन मानकों को लागू किया जाएगा। मंगलवार को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एसडब्ल्यूएम नियम, 2026 को अधिसूचित किया है, जो पिछले दस वर्षों से लागू एसडब्ल्यूएम नियम, 2016 की जगह लेंगे।
ये नए नियम शहरों के साथ-साथ आवासीय परिसरों, विश्वविद्यालयों जैसे बड़े कचरा उत्पादकों पर भी लागू होंगे। नए नियमों के तहत प्रमुख बदलावों में स्रोत पर कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य किया गया है और बड़े कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। पहली बार दिशा-निर्देशों में घरेलू खतरनाक कचरे के अलग संग्रह को अनिवार्य किया गया है।
ये भी पढ़ें :- Mumbai Local Accident: सायन के पास चलती लोकल से गिरे तीन यात्री, एक गंभीर
इसमें इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टैम्पोन, कंडोम, इनकॉन्टिनेंस शीट्स तथा अन्य स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े अवशोषक उत्पाद शामिल हैं। बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम कचरे के 4 स्तरीय को लागू करने पर विचार कर रही है, जिसमे घरेलू खतरनाक कचरे के लिए एक नई श्रेणी शामिल होगी। इस प्रकार का कचरा पीले रंग के डिब्बों में एकत्र किया जाएगा। ऐसा अगर नही किया जाता है तो संबंधित सोसायटियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।






