BMC Election: ट्रेनिंग से गैरहाजिर कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई, चुनाव आयुक्त के कड़े निर्देश
Maharashtra Local Body Election: बीएमसी चुनाव की तैयारी को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर ट्रेनिंग और गैरहाजिरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: बीएमसी चुनावों के लिए वोटिंग और काउंटिंग के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्त करना जरूरी है।
उन सभी को समय पर ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। साथ ही ट्रेनिंग से गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ऐसा आदेश राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने दिया है। वे सभी 29 नगर आयुक्तों, संबंधित पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों की एक बैठक में बोल रहे थे।
सम्बंधित ख़बरें
समुद्र ने लौटाई शहर की गंदगी, जुहू बीच पर लगा प्लास्टिक का अंबार, समुद्री जीवों और पर्यटकों पर बढ़ा खतरा
महाराष्ट्र को रेलवे फाटक मुक्त बनाने की तैयारी, 145 आरओबी निर्माण को मंजूरी, CM फडणवीस ने की घोषणा
शेखर सुमन से स्तुतिसुमन चाहती थी भाजपा, मिले कड़वे सच! शेखर टूनाइट के निर्माता पर ED की रेड से भड़के रोहित
मैं नहीं झुकी क्योंकि मैं आत्मनिर्भर हूं… अमरावती में फिर गरजीं नवनीत राणा, विरोधियों को दी सीधी चेतावनी!
नगर निकाय चुनाव के लिए वोटिंग और वोटों की गिनती की तैयारी और कानून-व्यवस्था को लेकर पिछले दो दिनों (6 और 7 जनवरी) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोग के अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। इस मौके पर आयोग के सचिव सुरेश काकानी, पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा समेत आयोग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
बूथों पर हो मूलभूत व्यवस्था
वाघमारे ने कहा कि वोटिंग और गिनती की प्रक्रिया को आसानी से चलाने के लिए सभी को ट्रेनिंग देना जरूरी है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पोलिंग स्टेशनों पर होने वाले अलग-अलग इंतजामों के बारे में भी बताया जाना चाहिए।
ये भी पढ़ें :- लक्ष्मण हाके का Sharad Pawar परिवार पर जोरदार हमला, बोले- सुप्रिया सुले बनेंगी केंद्रीय मंत्री
वोट देने आने वाले वोटरों को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए, पोलिंग स्टेशनों पर बिजली के साथ-साथ पीने का पानी, छाया, टॉयलेट वगैरह की व्यवस्था होनी चाहिए, मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाने चाहिए। पोलिंग स्टेशनों पर वोटिंग के लिए सीनियर सिटिजन, दिव्यांग, छोटे बच्चों वाली महिलाओं, गर्भवती महिलाओं वगैरह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दिव्यांगों और सीनियर सिटिजन के लिए रैप और व्हीलचेयर जैसे इंतजाम भी होने चाहिए।
