
डॉन अरुण गवली (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: मुंबई महानगरपालिका चुनाव में पूर्व गैंगस्टर और पूर्व विधायक अरुण गवली के परिवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनकी बेटी और पूर्व नगरसेविका गीता गवली को वार्ड नंबर 212 से हार का सामना करना पड़ा है।
पूर्व विधायक यूसुफ अब्राहणी की बहू अमरीन शहजाद ने गीता गवली को 2,025 वोटों के अंतर से पराजित किया। अमरीन शहजाद को कुल 8,848 वोट मिले, जबकि गीता गवली को 6,823 वोटों पर संतोष करना पड़ा।
वार्ड 212 में कुल 21,872 पात्र मतदाता हैं और यहां मुकाबला काफी रोचक रहा। हालांकि अंतिम परिणामों में अमरीन शहजाद ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की।
इस वार्ड से कांग्रेस की नाजिया सिद्दीकी को 3,257 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की उम्मीदवार श्रावणी हलदनकर को 1,938 वोट प्राप्त हुए।
चुनाव नतीजों में गवली परिवार को एक और झटका लगा है। गीता गवली की दूसरी बेटी योगिता गवली भी वार्ड नंबर 207 से चुनाव हार गई हैं। उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लोखंडे के खिलाफ पराजय झेलनी पड़ी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गीता गवली की हार को अरुण गवली के राजनीतिक प्रभाव में आई बड़ी गिरावट के तौर पर देखा जा रहा है। एक समय दक्षिण मुंबई की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाला गवली परिवार इस चुनाव में पिछड़ता नजर आया।
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बीएमसी चुनाव के ये नतीजे मुंबई की राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां मतदाता अब नए चेहरों और समीकरणों को तरजीह देते दिखाई दे रहे हैं।






