150 करोड़ का रोड मार्किंग टेंडर रद्द, BJP विधायक अमित साटम के आरोप पर BMC का बड़ा एक्शन
BMC Road Marking Tender: विधायक अमित साटम द्वारा भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद BMC ने ₹150 करोड़ का रोड मार्किंग टेंडर रद्द कर दिया है। अब नए सिरे से समीक्षा होगी।
- Written By: अनिल सिंह
मुंबई मनपा (फोटो क्रेडिट-X)
BMC Ameet Satam Road Marking Tender: मुंबई नगर निगम ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 150 करोड़ के रोड मार्किंग टेंडर को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। यह निर्णय मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम द्वारा टेंडर प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद लिया गया है।
प्रशासन अब तकनीकी विशिष्टताओं की नए सिरे से समीक्षा करेगा ताकि भविष्य की प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी हो सके।
मनमाने फंड आवंटन और साठगांठ का आरोप
विधायक अमित साटम ने BMC कमिश्नर को लिखे एक कड़े पत्र में इस टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। साटम का दावा था कि टेंडर की शर्तें इस तरह से तैयार की गई थीं जिससे कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को ही लाभ पहुँचाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सामग्री की दरें बाजार भाव से कहीं अधिक दिखाई गई थीं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होने की आशंका थी।
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साटम ने पत्र में स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता की कमी और फंड के मनमाने आवंटन का एक ज्वलंत उदाहरण है, जिसे रोकना जनता के पैसे की रक्षा के लिए अनिवार्य था।
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‘जब काम पहले हो चुका, तो नए खर्च की क्या जरूरत?’
अमित साटम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब हाल ही में इसी तरह के सड़क कार्यों और सौंदर्यकरण के लिए बड़ी राशि पहले ही मंजूर और खर्च की जा चुकी थी, तो इतने बड़े पैमाने पर नए रोड मार्किंग टेंडर की तत्काल आवश्यकता क्या थी?
उनके इस हस्तक्षेप और तार्किक सवालों ने BMC प्रशासन को बैकफुट पर धकेल दिया। साटम के अनुसार, “अनावश्यक सौंदर्य कार्यों के बजाय आवश्यक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता देना और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।”
अब आगे क्या?
टेंडर रद्द होने के बाद, BMC प्रशासन ने घोषणा की है कि वे अब तकनीकी मापदंडों की गहन समीक्षा करेंगे। नई निविदा प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी विशेष ठेकेदार को अनुचित लाभ न मिल सके और प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो।
विधायक साटम के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के बावजूद, वे नागरिक सुविधाओं के नाम पर होने वाली किसी भी वित्तीय अनियमितता के खिलाफ चुप नहीं रहेंगे।
