बांस की नर्सरी (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: वायु प्रदूषण को कम करने और मुंबई की हरियाली बढ़ाने व पर्यावरण बीएमसी ने पवई लेक के पास बांस की नर्सरी विकसित करने का निर्णय लिया है। इस पहल से कम समय में अधिक हरियाली तैयार की जा सकेगी।
बीएमसी प्रशासन ने इसके लिए करीब 5 एकड़ भूमि चिश्नित की है, जो फिलहाल बीएमसी के ही इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रॉजेक्ट विभाग के अधीन है। भूमि हस्तांतरण के लिए संबंधित विभाग से पत्राचार शुरू कर दिया गया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने ने बीते नवंबर में बांस की नर्सरी स्थापित करने की घोषणा की थी।
इसके बाद गार्डन विभाग ने उपयुक्त स्थानों की तलाश शुरू की, अधिकारियों के अनुसार, पवई लेक के पास स्थित यह प्लॉट बास की नर्सरी के लिए अनुकूल पाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के चलते हुई पेड़ों की कटाई के मद्देनजर यह नर्सरी नए ग्रीन पैच तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बांस तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, जो 3 से 5 वर्षों में ही परिपक्व हो जाता है, जबकि सामान्य पेड़ों को 8 से 10 साल लगते है। बांस की घनी पतियां हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषक कणों को फिल्टर करती है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार होता है। इसकी मजबूत जाड़े मिट्टी के कटाव को रोकती है और चूल नियंत्रण में भी सहायक होती है।