मुंबई के भांडुप जलशोधन केंद्र का होगा कायाकल्प, 1235 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक पंपिंग स्टेशन

Mumbai Water Supply: मुंबई की 50% जलापूर्ति करने वाले भांडुप जलशोधन केंद्र का 1235 करोड़ रुपये से कायाकल्प होगा। बीएमसी यहाँ 2000 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक पंपिंग स्टेशन बनाएगी।
BMC will upgrade the 45-year-old Bhandup water treatment plant with a new 2000 MLD pumping station costing Rs 1,235 crore. Tata Consulting appointed as advisor.
मुंबई जलशोधन केंद्र (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Mumbai Water Supply Bhandup Water Purification Plant: मुंबई के 50 प्रतिशत जलापूर्ति का भार संभालने वाले भांडुप संकुल स्थित 45 वर्ष पुराने जलशोधन केंद्र का अब कायाकल्प किया जाएगा। बढ़ती मुंबई की जल आवश्यकताओं और पुराने केंद्र की जर्जर स्थिति को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने यहां प्रतिदिन 2000 एमएलडी क्षमता वाला अत्याधुनिक जल पंपिंग केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।

इस महत्वपूर्ण परियोजना की तकनीकी निगरानी के लिए मेसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को सलाहकार नियुक्त करने उन्हें 9.26 करोड़ प्रस्ताव मनपा प्रशासन ने के लिए प्रस्तुत किया है। भांडुप जलशोधन केंद्र वर्ष 1978 में स्थापित किया गया था। लगातार रसायनों के संपर्क में रहने के कारण इसकी संरचना कमजोर हो चुकी है और इसकी आयु लगभग समाप्त हो गई है।

टाटा कंसल्टिंग को सौंपी जिम्मेदारी

भविष्य में मुंबई पर जल संकट न आए और पानी की लीकेज रोकी जा सके, इसके लिए मनपा ने इस परियोजना को शुरू करने का फैसला किया है। इस परियोजना के डिजाइन, निर्माण और संचालन के लिए मेसर्स शंकरनारायण कन्स्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड को मुख्य ठेकेदार चुना गया है। जीएसटी सहित इस विशाल परियोजना की कुल लागत 1235,99,57,954.35 रुपये यानी लगभग 1235 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

कुल ठेका मूल्य का 1 प्रतिशत हिस्सा सलाहकार शुल्क के रूप में तय किया गया था। इसमें से पहले चरण यानी निविदा प्रक्रिया प्रबंधन के लिए 25 प्रतिशत राशि, लगभग 3.69 करोड़ रुपये, पहले ही मंजूर की जा चुकी है। अब वास्तविक निर्माण कार्य की गुणवत्ता, खर्च नियंत्रण और निर्माण समय-सारणी की निगरानी के लिए शेष 75 प्रतिशत

राशि यानी 9.26 करोड़ रुपये के खर्च को स्थायी समिति की प्रशासनिक मंजूरी के लिए रखा गया है। टाटा कंसल्टिंग को इससे पहले भी बड़े जल परियोजनाओं का व्यापक अनुभव रहा है। मुंबई मनपा अधिनियम 1888 के विभिन्न प्रावधानों के अनुसार इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना आवश्यक है।

Navbharat Live
navbharatlive.com