Sanjay Raut On Sunetra Pawar (फोटो क्रेडिट-X)
Baramati Bypoll Sunetra Pawar Call: महाराष्ट्र की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली बारामती विधानसभा पर उपचुनाव की सरगर्मियां अब चरम पर हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उनकी पत्नी और मौजूदा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सोमवार, 6 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करने जा रही हैं। महायुति सरकार की कोशिश है कि इस सीट पर सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जीत दिलाई जाए, ताकि पवार परिवार के प्रति सम्मान प्रकट किया जा सके। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
इसी सिलसिले में शनिवार को एक बड़ी खबर सामने आई कि सुनेत्रा पवार ने खुद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन कर चर्चा की है। इस बातचीत की पुष्टि पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत और मिलिंद नार्वेकर ने भी की है। हालांकि, बारामती को ‘निर्विरोध’ छोड़ने के मुद्दे पर संजय राउत का रुख थोड़ा कड़ा नजर आ रहा है। राउत ने साफ कर दिया है कि महाविकास अघाड़ी (MVA) की तीनों पार्टियां आपस में चर्चा करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेंगी।
बीजेपी की ओर से चुनाव को निर्विरोध कराने के दबाव पर संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला हमारे ऊपर जबरदस्ती थोपा नहीं जा सकता। राउत का मानना है कि चुनाव न लड़ना जनता के साथ अन्याय हो सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि सारा ज्ञान और सूझबूझ केवल बीजेपी के पास ही है, हमारे पास भी सोचने-समझने की क्षमता है। एमवीए के नेता जल्द ही बैठकर तय करेंगे कि बारामती की लड़ाई में उतरना है या सुनेत्रा पवार को समर्थन देना है।
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संजय राउत ने भावुक होते हुए कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र के एक सम्मानित और कद्दावर नेता थे। जिस तरह एक विमान हादसे में उनका असामयिक निधन हुआ, उससे पूरा राज्य आज भी गहरे सदमे में है। यही वजह है कि विपक्षी खेमे में भी पवार परिवार के प्रति एक सहानुभूति की लहर है। सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे और पवार परिवार के पुराने और निजी संबंधों को देखते हुए ठाकरे, सुनेत्रा पवार को समर्थन देने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अंतिम फैसला गठबंधन के साथियों की राय के बाद ही लिया जाएगा।
बारामती विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीख 23 अप्रैल तय की गई है। सुनेत्रा पवार के नामांकन के बाद यह साफ हो जाएगा कि उनके मुकाबले में कोई खड़ा होता है या वे निर्विरोध विधानसभा पहुँचती हैं। उद्धव ठाकरे जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पार्टी और गठबंधन की भूमिका स्पष्ट करने वाले हैं। बारामती की जनता और पूरे महाराष्ट्र की नजरें अब इसी फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह सीट न केवल एक विधानसभा क्षेत्र है, बल्कि पवार परिवार की प्रतिष्ठा का गढ़ भी है।