बांद्रा के नेविल डिसूजा मैदान विवाद पर BMC की सफाई, खेल मैदान का आरक्षण अभी रद्द नहीं किया गया

Bombay High Court: बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान विवाद पर बीएमसी ने हाईकोर्ट में स्पष्ट किया कि मैदान का आरक्षण अभी रद्द नहीं हुआ है और भूमि उपयोग में बदलाव प्रस्ताव स्तर पर है।
Mumbai BMC clarifies stance on the Neville D'Souza Ground dispute in Bandra
बांद्रा नेविल डिसूजा मैदानसोर्स- सोशल मीडिया
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Bandra Neville D'Souza Ground Reservation: बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान को कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर में बदलने को लेकर चल रहे विवाद के बीच बीएमसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। बीएमसी ने बताया कि मैदान का खेल मैदान के रूप में आरक्षण अभी अंतिम रूप से रद्द नहीं किया गया है। साथ ही कन्वेंशन सेंटर के लिए भूमि उपयोग में बदलाव को भी मंजूरी नहीं दी गई है।

शुरुआती प्रस्ताव के स्तर पर मामला

बीएमसी के अनुसार, पूरा मामला फिलहाल प्रारंभिक प्रस्ताव के स्तर पर है। महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (MRTP) कानून के तहत निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी मौजूदा स्थिति में मैदान का उपयोग बदलने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

8,450 वर्ग मीटर जमीन म्हाडा के पास

करीब 8,450 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह जमीन म्हाडा के स्वामित्व में है। वर्ष 1983 में यहां कन्वेंशन और ट्रेड फेयर सेंटर के लिए आरक्षण किया गया था। हालांकि, बाद में मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) को मैदान के उपयोग की अनुमति दी गई।

विकास योजना-2034 में मनोरंजन मैदान

संशोधित विकास योजना-2034 में इस जमीन को मनोरंजन मैदान के रूप में दर्ज किया गया है। म्हाडा ने नवंबर 2025 में पुराने आरक्षण को बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद मई 2026 में बीएमसी की सुधार समिति ने आरक्षण में बदलाव की सिफारिश की थी।

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MFA ने किया विरोध

मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन ने मैदान के आरक्षण में बदलाव का विरोध किया और इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। MFA का कहना है कि नेविल डिसूजा मैदान मुंबई शहर के फुटबॉल ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां हर साल बड़ी संख्या में आधिकारिक फुटबॉल मुकाबले आयोजित किए जाते हैं।

मैदान के भविष्य पर अभी फैसला बाकी

बीएमसी के हाईकोर्ट में दिए बयान से स्पष्ट है कि मैदान को कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर में बदलने की प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। आरक्षण और भूमि उपयोग में बदलाव को लेकर MRTP कानून के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल मैदान के खेल उपयोग को लेकर स्थिति बरकरार है।

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