

Bandra Neville D'Souza Ground Reservation: बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान को कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर में बदलने को लेकर चल रहे विवाद के बीच बीएमसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। बीएमसी ने बताया कि मैदान का खेल मैदान के रूप में आरक्षण अभी अंतिम रूप से रद्द नहीं किया गया है। साथ ही कन्वेंशन सेंटर के लिए भूमि उपयोग में बदलाव को भी मंजूरी नहीं दी गई है।
बीएमसी के अनुसार, पूरा मामला फिलहाल प्रारंभिक प्रस्ताव के स्तर पर है। महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (MRTP) कानून के तहत निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी मौजूदा स्थिति में मैदान का उपयोग बदलने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
करीब 8,450 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह जमीन म्हाडा के स्वामित्व में है। वर्ष 1983 में यहां कन्वेंशन और ट्रेड फेयर सेंटर के लिए आरक्षण किया गया था। हालांकि, बाद में मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) को मैदान के उपयोग की अनुमति दी गई।
संशोधित विकास योजना-2034 में इस जमीन को मनोरंजन मैदान के रूप में दर्ज किया गया है। म्हाडा ने नवंबर 2025 में पुराने आरक्षण को बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद मई 2026 में बीएमसी की सुधार समिति ने आरक्षण में बदलाव की सिफारिश की थी।
मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन ने मैदान के आरक्षण में बदलाव का विरोध किया और इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। MFA का कहना है कि नेविल डिसूजा मैदान मुंबई शहर के फुटबॉल ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां हर साल बड़ी संख्या में आधिकारिक फुटबॉल मुकाबले आयोजित किए जाते हैं।
बीएमसी के हाईकोर्ट में दिए बयान से स्पष्ट है कि मैदान को कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर में बदलने की प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। आरक्षण और भूमि उपयोग में बदलाव को लेकर MRTP कानून के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल मैदान के खेल उपयोग को लेकर स्थिति बरकरार है।