DHFL लोन घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 51.75 करोड़ की विदेशी संपत्ति फ्रीज; कई अहम दस्तावेज जब्त

Mumbai Crime News: ED ने DHFL ऋण धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी संपत्ति की बिक्री से जुड़े अल जालोर ट्रेडिंग एफजेडई खाते में उपलब्ध 51.75 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं।
Mumbai ED takes major action in DHFL bank fraud case; assets worth 51.75 crore linked to UK property attached
ईडी कार्रवाई डीएचएफएल बैंक धोखाधड़ी मामला सोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

ED Action DHFL Loan Fraud Case Mumbai: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुख्यालय जांच इकाई ने मेसर्स दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) और उसके प्रवर्तकों से जुड़े बहु-करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 19 अगस्त को की गई तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं।

42,871 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाओं के दुरुपयोग का आरोप

यह जांच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। यूनियन बैंक 17 बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से शिकायतकर्ता था। ED के अनुसार, आरोप है कि कपिल वधावन और धीरज वधावन ने कथित तौर पर बैंकों के साथ षड्यंत्र कर 42,871.42 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाओं का दुरुपयोग किया।

बैंकों को 34,615 करोड़ रुपये की हानि का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर खातों में हेरफेर किया। इससे कंसोर्टियम में शामिल ऋणदाताओं को करीब 34,615 करोड़ रुपये की सदोष हानि हुई। मामले में ED धन के कथित लेन-देन और उसके अंतिम उपयोग की जांच कर रही है।

ब्रिटेन की संपत्ति से जुड़े लेन-देन की जांच

जांच के दौरान ब्रिटेन स्थित 'हर्टमोर हाउस' नाम की संपत्ति का भी पता चला। यह संपत्ति कपिल वधावन की पत्नी वनिता वधावन के नाम बताई गई है। ED के अनुसार, इस संपत्ति पर कथित फर्जी लेन-देन और ऋण करार के माध्यम से भार सृजित किया गया था।

Mumbai ED takes major action in DHFL bank fraud case; assets worth 51.75 crore linked to UK property attached
Mumbai Western Railway: RPF का K-9 दस्ता बना सुरक्षा का मजबूत स्तंभ, बेड़े में शामिल 43 ट्रेंड डॉग्स

संपत्ति की बिक्री की रकम दूसरे खाते में भेजने का आरोप

ED के अनुसार, वर्ष 2026 में इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि पंजीकृत स्वामी को देने के बजाय मेसर्स अल जालोर ट्रेडिंग एफजेडई के बैंक खाते में भेजी गई। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस रकम का इस्तेमाल भारत में मौजूद देनदारी के निपटारे के लिए किया जाना था।

51.75 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज

तलाशी अभियान के दौरान ED ने PMLA की धारा 17(1A) के तहत मेसर्स अल जालोर ट्रेडिंग एफजेडई के बैंक खाते में मौजूद 5.41 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 51.75 करोड़ रुपये, को अपराध की आय के रूप में फ्रीज कर दिया। इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अभिलेख भी जब्त किए गए हैं।

आगे की जांच जारी

ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी कथित ऋण धोखाधड़ी, धन के लेन-देन और विदेशी संपत्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com