आयुष्मान भारत और महात्मा फुले योजना में 1.79 करोड़ का कथित घोटाला, तीन अस्पतालों पर FIR
Ayushman Bharat Yojana: महाराष्ट्र में आयुष्मान भारत व ज्योतिराव फुले योजना में 1.79 करोड़ के फर्जी क्लेम का पर्दाफाश। वर्ली थाने में नासिक के 3 अस्पतालों पर FIR दर्ज।
- Written By: रूपम सिंह
आयुष्मान भारत योजना घोटाला सांकेतिक फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ayushman Bharat PMJAY Scam Maharashtra: महाराष्ट्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत बड़े पैमाने पर कथित फर्जी क्लेम का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों योजनाओं का दुरुपयोग कर सरकार को करीब 1.79 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस संबंध में मुंबई के वर्ली पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
361 मामलों में बिना इलाज फर्जी क्लेम का आरोप
यह मामला मुंबई स्थित स्टेट हेल्थ एश्योरेंस सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंद्रकांत विभूते की शिकायत पर दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 361 मामलों में लाभार्थियों को इलाज मिलने का दावा किया गया, जबकि आरोप है कि वास्तव में किसी भी मरीज को चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, आम लोगों के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर ‘जीवनदायी’ पोर्टल पर फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड अपलोड किए गए और सरकारी धन का भुगतान प्राप्त किया गया।
तीन अस्पतालों पर करोड़ों रुपये के फर्जी क्लेम का आरोप
जांच में नासिक शहर के तीन अस्पतालों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि शिव मल्टीस्पेशलिटी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (सतपुर) ने 163 फर्जी दावों के जरिए 71.83 लाख रुपये, नासिक ग्रेस हॉस्पिटल (सिडको) ने 126 मामलों में 62.13 लाख रुपये, जबकि ऋषिकेश हॉस्पिटल (गंगापुर रोड) ने 72 कथित फर्जी दावों के जरिए 45.45 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त किया।
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अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने तीनों अस्पतालों के संस्थापकों, खाताधारकों और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित फर्जीवाड़े में स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन या अन्य व्यक्तियों की कोई भूमिका थी या नहीं।
जांच जारी, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
वर्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड तथा पोर्टल पर दर्ज जानकारी की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
