MPSC भर्ती नियमों पर कांग्रेस का हमला, सीधी भर्ती का अनुपात घटाने वाला GR वापस लेने की मांग
Maharashtra MPSC Rules: MPSC अधिकारी भर्ती नियमों में बदलाव पर महाराष्ट्र में सियासत गरमाई। कांग्रेस ने नए GR का विरोध करते हुए इसे वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
- Written By: रूपम सिंह
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
MPSC Recruitment Rules Change Controversy Maharashtra: महाराष्ट्र में एमपीएससी (महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग) के माध्यम से होने वाली अधिकारी भर्ती के नियमों में बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों के बाद अब राज्य सरकार ने नए शासनादेश (जीआर) के जरिए युवाओं के अधिकारी बनने के अवसर कम कर दिए हैं। उन्होंने सरकार से इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
सरकार पर युवाओं के अवसर कम करने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि पहले अधिकारी पदों पर लगभग 66 प्रतिशत नियुक्तियां एमपीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती और 33 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाते थे। पार्टी के अनुसार, नए जीआर में यह अनुपात बदल दिया गया है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के अवसर प्रभावित होंगे।
नए जीआर में क्या बदलाव का दावा?
कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, नए शासनादेश में डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार जैसे पदों पर 60 प्रतिशत नियुक्तियां पदोन्नति के माध्यम से तथा 40 प्रतिशत सीधी भर्ती से किए जाने का प्रावधान किया गया है। वहीं नायब तहसीलदार के पदों पर 80 प्रतिशत पद पदोन्नति और 20 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान होने का दावा किया गया है।
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आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस शासनादेश को तत्काल रद्द किया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांग नहीं मानी गई तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा और सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस के आरोप और भर्ती नियमों में बदलाव को लेकर जारी बहस के बीच अब सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
