‘लालबागचा राजा’ के खजाने की नीलामी, भक्तों ने लगाई बोली, सोने-चांदी के गहनों पर जमकर हुई खरीदारी
Mumbai News: मुंबई में ‘लालबागचा राजा’ मंडल ने गणेशोत्सव में चढ़े सोने-चांदी के गहनों की नीलामी की। भक्तों ने जमकर बोली लगाई। नीलामी से जुटाई गई राशि सामाजिक कार्यों में लगाई जाएगी।
- Written By: सोनाली चावरे
Lalbaugcha Raja (pic credit; social media)
Lalbaugcha Raja: मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणेशोत्सव मंडल ‘लालबागचा राजा’ में हर साल की तरह इस बार भी भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी और बहुमूल्य वस्तुओं की भव्य नीलामी ने लोगों का ध्यान खींचा। गुरुवार शाम 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक चली इस नीलामी का आयोजन लालबाग मार्केट स्थित ‘लालबागचा राजा’ के मंच पर किया गया।
नीलामी की शुरुआत एक आकर्षक चांदी की गदा से की गई, जिसकी शुरुआती बोली 51,000 रुपए रखी गई। इसके बाद मंच पर एक-एक कर कई बहुमूल्य वस्तुएं लाई गईं। इनमें 10 तोले का सोने का हार, चांदी का शिवलिंग पिंड, चार बड़ी चांदी की गदाएं, चांदी की मूर्तियां और अन्य आभूषण शामिल थे। जैसे ही हर वस्तु सामने आती, भक्तों में बोली लगाने की होड़ मच जाती।
नीलामी स्थल पर हजारों की संख्या में भक्तों और आम लोगों की भीड़ जुटी रही। हर किसी की कोशिश थी कि वह ‘लालबागचा राजा’ के चरणों में चढ़ाए गए इन पवित्र और मूल्यवान आभूषणों को हासिल कर सके। आयोजकों के अनुसार, इस नीलामी से जुटाई गई राशि को हर साल की तरह सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए खर्च किया जाएगा।
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लालबागचा राजा की नीलामी केवल धन एकत्रित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भक्तों के लिए एक भावनात्मक अवसर भी होता है। लोग मानते हैं कि यहां खरीदी गई वस्तुएं केवल आभूषण नहीं, बल्कि भगवान गणेश की कृपा का प्रतीक हैं। यही कारण है कि लाखों की कीमत चुकाने के बावजूद लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
गणेशोत्सव के दौरान लालबागचा राजा मंडल मुंबई का सबसे चर्चित केंद्र होता है। यहां हर दिन लाखों भक्त दर्शन के लिए उमड़ते हैं। इसी दौरान भक्तजन अपनी श्रद्धा और आस्था से प्रेरित होकर सोने-चांदी, गहनों और नकदी का भारी दान करते हैं। बाद में इन वस्तुओं की पारदर्शी नीलामी कर समाजसेवा के कार्यों में लगाया जाता है।
इस बार भी नीलामी ने लोगों को आकर्षित किया और माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। लोगों की बोली लगाते समय उठती आवाजें और जयकारे पूरे परिसर में गूंजते रहे।
