नवी मुंबई एयरपोर्ट से जुड़ेगा अटल सेतु और कोस्टल रोड, 6 रैंप को मिली मंजूरी, लोगों को मिलेगी ये सुविधा
Atal Setu: मुंबई के अटल सेतु को सिडको के कोस्टल रोड से जोड़ने के लिए गव्हाण गांव में 6 रैंप बनाए जाएंगे। इससे मुंबई, नवी मुंबई, उरण, पनवेल और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच ट्रैफिक कनेक्टिविटी आसान होगी।
- Written By: आकाश मसने
अटल सेतु (सोर्स: सोाशल मीडिया)
Mumbai Navi Mumbai Connectivity: मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाले अटल सेतु प्रोजेक्ट से जहां बड़ी राहत मिली है, वहीं अब सिडको ने इस ब्रिज को अपने कोस्टल रोड से जोड़ने का फैसला किया है। इसके तहत, सिडको गव्हाण गांव में शिवाजी नगर इंटरचेंज पर 6 रैंप बनाएगा, इससे उरण, पनवेल, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेएनपीए और राजधानी मुंबई के बीच ट्रैफिक को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
बता दें कि जब अटल सेतु प्रोजेक्ट की प्लानिंग हो रही थी, तब सिडको का कोस्टल रोड कंस्ट्रक्शन का काम शुरू नहीं था। हालांकि, अब जब सिडको ने कोस्टल रोड का काम तेज कर दिया है, तो शिवाजी नगर कनेक्टर के जरिए जरूरी लिंकेज को पूरा करने के लिए छह रैंप बनाए जाने का निर्णय लिया है। सीआरजेड अथॉरिटी ने शर्तों के साथ इन्हें मंजूरी दे दी है और आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया है।
रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत होगी
प्रोजेक्ट की जगह न्हावा रोड और उरण रोड से अच्छी तरह जुड़ी हुई है, इस कनेक्शन से खारकोपर रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। जब ये छह रैंप बन जाएंगे, तो जेएनपीटी और मुंबई, चिरले और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। रायगढ़ जिले के लोगों को भी अटल सेतु, नवी मुंबई एयरपोर्ट और मुंबई तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
BMC में सत्ताधारी दल को बड़ा झटका; पार्षदों की गैरमौजूदगी से वडाला और दादर पुनर्विकास प्रस्ताव खारिज
जीशान सिद्दीकी की उम्मीदवारी पर NCP में रार, आनंद परांजपे थामेंगे शिवसेना का दामन! मिटकरी भी नाराज
महाराष्ट्र में अपना सूपड़ा साफ कर रही कांग्रेस! अंबादास दानवे को पार्टी के समर्थन से भड़के कार्यकर्ता
‘उद्धव ठाकरे को पद का लालच नहीं’, अंबादास दानवे की उम्मीदवारी पर प्रियंका चतुर्वेदी की पोस्ट
यह भी पढ़ें:- मुंबई में BJP को होगा मेयर! नासिक में शिंदे का कर्ज चुकाएगी भाजपा, जानें दोनों के बीच क्या हुई डील
936 मैंग्रोव पेड़ों पर असर पड़ेगा
इआईए की रिपोर्ट के मुताबिक, मैंग्रोव को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कहा जा रहा है कि 936 मैंग्रोव पेड़ों पर असर पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट करीब 3।5 हेक्टेयर एरिया में फैला है और इसमें 32 स्ट्रक्चरल मॉड्यूल हैं, हर एक 75 मीटर लंबा है। स्पैन को 1।0 मीटर डायमीटर वाले बोर कास्ट-इन-सीटू पाइल्स पर सपोर्ट किया जाएगा, जिसमें लंबे समय तक स्ट्रक्चरल मजबूती के लिए नीचे की चट्टान में सही संकिटिंग की जाएगी।
