अशोक खरात और IPS तेजस्वी सातपुते (सौजन्य-सोशल मीडिया)
IPS Tejaswi Satpute SIT Investigation: महाराष्ट्र के ‘अशोक खरात एपस्टीन’ मामले की जांच पुणे स्थित एसआरपीएफ की कमांडेंट पद पर कार्यरत, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते करेंगी। सतपुते ने जांच का जिम्मा संभाल लिया है। महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें महिला कर्मियों सहित अपराध शाखा के 5 से 10 अधिकारी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी जुटाना अभी जल्दबाजी होगी। यह मामला केवल एक पीड़ित तक सीमित नहीं हो सकता है, बल्कि इसकी पुष्टि के लिए और शिकायतों की आवश्यकता है। स्वयंभू धर्मगुरु और अंकशास्त्री अशोक खरात पर 27 वर्षीय महिला के साथ कथित, यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
अधिकारियों ने ने संकेत दिया है कि मामले में अन्य पीड़ित महिलाएं भी शामिल हो सकती है। पीड़िता ने अशोक खरात पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जिसके बाद मामला शुरू में नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, बाद में इसे नाशिक की एलसीबी, यूनिट-1 को स्थानांतरित कर दिया गया, महिला 2022 से खरात के घर आती-जाती रही थी।
उसने आरोप लगाया कि खरात ने धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने बार-बार उसके साथ यौन उत्पीड़न किया पीड़िता ने दावा किया कि खरात ने उसे धमकी दी थी कि यदि उसने इस दुर्व्यवहार के बारे में किसी को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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इसी बीच, कैप्टन अशोक खरात ने किए दुष्कर्म का मामला सीधे राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर तक पहुंचा है। वहीं शिवसेना उद्धव गुट की नेता सुषमा अंधारे ने चाकणकर की नार्को टेस्ट कराने की मांग करते हुए कहा कि कई पीड़ितों से बात की गई और उन्हें मिली जानकारी बेहद धक्कादायक है। पीड़ितों के अनुसार चाकणकर तंत्र-मंत्र विद्या में संलग्न थी।