अशोक खरात का पैर धोने वाली रूपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, CM फडणवीस ने सफाई सुनने से किया इनकार

Rupali Chakankar Resignation: नासिक सेक्स स्कैंडल की आंच में झुलसीं रूपाली चाकणकर। सीएम देवेंद्र फडणवीस के कड़े रुख के बाद महिला आयोग के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा।
Rupali Chakankar resigns as Women's Commission chief amid the Nashik Sex Scandal involving Ashok Kharat. CM Fadnavis takes a tough stand. Read more.
सुनेत्रा पवार को सौंपा अपना त्यागपत्र (सौजन्य-एक्स)
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Nashik Sex Scandal Ashok Kharat: नासिक सेक्स स्कैंडल में ढोंगी तांत्रिक कैप्टन अशोक खरात के काले कारनामों का खुलासा होने के साथ राज्य की सियासत गरमा गई है। समूचे प्रकरण में महायुति सरकार की हो रही फजीहत के बाद नाराज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सख्त आदेश के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

चाकणकर ने शुक्रवार देर शाम सीएम से मुलाकात कर सफाई देने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में जिस तरह से सरकार की बदनामी हो रही है, उसे लेकर सीएम ने राकां नेताओं को पहले ही यह संदेश भेज दिया था कि वो यह सब बर्दाश्त नहीं करेंगे। चाकणकर मिलने पहुंचीं तो सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सफाई सुनने में बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई।

महिला होने के नाते किया टारगेट : रूपाली

रूपाली चाकणकर ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एक महिला होने के नाते मुझे सॉफ्ट टारगेट किया गया है। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर की मेरी फोटो को 2 सितंबर का दिखाया गया और उसमें से। नंबर मिटा दिया गया। मैं 2 सितंबर को अजीत दादा के साथ टूर पर थी। उसमें मेरे हाथ पर कहीं कोई चोट नहीं है। मुझे बदनाम करने वालों को मैं कानूनी नोटिस भेजूंगी। मैं उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी, जिन्होंने यह कहानी बनाई है।

सुनेत्रा पवार को सौंपा अपना त्यागपत्र

रूपाली चाकणकर ने राकां की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। रूपाली ने उप मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास 'देवगिरी' में मुलाकात की और महिला आयोग की वैयरपर्सन के पद से अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया।

'खरात दंपति को मानती थी गुरू'

इस्तीफे के बाद रूपाली चाकणकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं पहले से ही महादेव मंदिर ट्रस्ट में थी। इस ट्रस्ट में मेरा कार्यकाल 2025 में खत्म हो गया था। मैं खरात दंपति को अपना गुरु मानती थी। मैं महाशिवरात्रि जैसे कार्यक्रमों में जाती थी। हम पूरे परिवार के साथ वहां मौजूद थे क्योंकि हम एक इंसान को अपना गुरु मानते थे।

वीडियो कई साल पुराने हैं। मुझे नहीं पता था कि वे अपनी निजी जिंदगी में क्या कर रहे थे। जब मुझे इस घटना के बारे में पता चला, तो मैं शॉक हो गई। मैंने पहले ही कहा था कि पुलिस को इस मामले में पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच करनी चाहिए, जो हुआ वह बहुत गंदा काम है। हमारी मांग है कि इस मामले की जांच बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए।

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