Mumbai: ग्रामीण स्वराज्य संस्थाओं में बदलाव की तैयारी, CM को सौंपा गया अहम प्रस्ताव
Maharashtra Government जिला परिषद और पंचायत समितियों में भी ‘अनुमोदित सदस्यों’ की नियुक्ति पर विचार कर रही है।चंद्रशेखर बावनकुले के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandra Shekhar Bawankule News: महाराष्ट्र की ग्रामीण स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें नगर निगमों और नगरपालिकाओं की तर्ज पर जिला परिषदों और पंचायत समितियों में ‘अनुमोदित सदस्यों’ की नियुक्ति का सुझाव दिया गया है।
राजस्व मंत्री बावनकुले ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है और यदि इसे लागू किया जाता है, तो ग्रामीण प्रशासन में अनुभवी और विशेषज्ञ व्यक्तियों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
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आरक्षण के कारण बाहर रह जाते हैं अनुभवी लोग
बावनकुले ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक न्याय और विकास जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले कई योग्य और अनुभवी लोग मौजूद हैं। लेकिन महिला आरक्षण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण के चलते कई बार ये लोग चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाते, जिससे प्रशासन उनके अनुभव से वंचित रह जाता है।
अनुभव और विशेषज्ञता से मजबूत होगा प्रशासन
‘अनुमोदित सदस्य’ प्रणाली के जरिए ऐसे अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों और पूर्व जनप्रतिनिधियों को सीधे जिला परिषद और पंचायत समितियों से जोड़ा जा सकेगा। इससे नीतिगत निर्णयों में अनुभव, व्यावहारिक समझ और विशेषज्ञ सलाह को स्थान मिलेगा, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी हो सकेगा।
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कानूनी पहलुओं की हो रही समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार इस प्रस्ताव से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा कर रही है। आने वाले समय में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह ग्रामीण स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली में ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखा जाएगा।
