Anand Dubey On West Bengal Election (डिजाइन फोटो)
West Bengal Election Mamata Banerjee: शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों और महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। दुबे ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, वहां उनकी ‘दाल नहीं गलेगी’ क्योंकि जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास कार्यों से संतुष्ट है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले पंद्रह वर्षों से बंगाल में एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, लेकिन राज्य की जनता ने हर बार ममता बनर्जी के नेतृत्व पर ही भरोसा जताया है।
आनंद दुबे के अनुसार भाजपा की बेचैनी का मुख्य कारण यह है कि वे बंगाल में ‘डबल इंजन’ की सरकार बनाने में विफल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में सत्ता होने के बावजूद बंगाल की जनता भाजपा के मंसूबों को नाकाम कर देती है। इसके साथ ही दुबे ने महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण और अजित पवार विमान हादसे की जांच जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुस्लिम आरक्षण से संबंधित पुराने प्रस्ताव को वापस लेने के फैसले पर आनंद दुबे ने कहा कि आरक्षण का आधार धर्म नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि धर्म के आधार पर आरक्षण दिया गया, तो कल सिख, ईसाई, बौद्ध और अन्य समुदाय भी इसी तरह की मांग करेंगे, जिससे देश की सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। दुबे ने कहा, “आरक्षण उन्हें मिलना चाहिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जो पिछड़े-अति पिछड़े समाज से आते हैं।” उन्होंने इस मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम चश्मे से देखने के बजाय तार्किक चर्चा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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अजित पवार के विमान हादसे को लेकर आनंद दुबे ने सरकार की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन से शिवसेना (UBT) सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में कमेटी बनाकर जांच की मांग कर रही है। दुबे ने डीजीसीए (DGCA) की जांच पर अविश्वास जताते हुए कहा कि रोहित पवार का विश्लेषण और सुनेत्रा पवार की सीबीआई जांच की मांग इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक इतने बड़े नेता की मौत के मामले में अब तक तस्वीर साफ क्यों नहीं हुई है और समय बीतने के साथ यह संदेह गहरा रहा है कि यह ‘हादसा था या साजिश’।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि भारत एक प्राचीन देश है और हमारी सनातन संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) में विश्वास रखती है। उन्होंने भागवत की इस बात का समर्थन किया कि भारत में रहने वाले विभिन्न धर्मों के लोग मूल रूप से एक ही संस्कृति का हिस्सा हैं। दुबे ने चुटकी लेते हुए कहा कि मोहन भागवत ने जो कहा वह सच है, लेकिन भाजपा के नेता शायद इस बात को पूरी तरह नहीं मानते। उनके अनुसार, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भाई-भाई हैं और यही भारत की वास्तविक पहचान है।