Sanjay Raut On Rahul Gandhi (फोटो क्रेडिट-X)
Congress On Sanjay Raut INDIA Statement: शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए एक नई बहस छेड़ दी है। राउत ने गठबंधन की सुस्ती पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केवल संसद के भीतर शोर मचाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि विपक्ष को अब सड़कों पर उतरकर जनता की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी एकता केवल चुनाव के समय ही नजर आती है, जबकि देश वर्तमान में कई गंभीर संकटों से गुजर रहा है। राउत के इस बयान ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है, जिसके बाद कांग्रेस की ओर से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
संजय राउत ने विशेष रूप से राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उन्हें संसद में बोलने नहीं देती, ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या विपक्ष सड़क पर कुछ करने का साहस जुटा पाएगा? राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि गठबंधन केवल चुनावी साल का इंतजार करता रहा, तो देश के ज्वलंत मुद्दे जैसे मणिपुर हिंसा और किसानों की बदहाली पीछे छूट जाएंगे। उनके मुताबिक, इंडिया गठबंधन को केवल एक चुनावी मंच न बनकर एक सक्रिय जन-आंदोलन की तरह काम करने की जरूरत है, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
संजय राउत ने विपक्षी गठबंधन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘INDIA’ ब्लॉक का काम तभी शुरू होता है जब लोकसभा चुनाव पास आते हैं। उन्होंने कहा, “महीनों और सालों तक गठबंधन के नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं होती। देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, अमेरिका के साथ हुई हालिया डील्स से कृषि संकट गहराने वाला है, लेकिन विपक्ष के पास कोई साझा रोडमैप नहीं है।” राउत ने सुझाव दिया कि उद्धव ठाकरे हों या ममता बनर्जी, सभी नेताओं को एक साथ बैठकर अगली रणनीति तय करनी चाहिए, न कि केवल चुनाव का इंतजार करना चाहिए।
गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान पर भी राउत ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कोई ममता बनर्जी को नेता बनाना चाहता है तो कोई एम. के. स्टालिन का नाम आगे बढ़ाता है, लेकिन ये व्यक्तिगत राय तब तक बेमानी हैं जब तक गठबंधन की कोई औपचारिक बैठक नहीं होती। राउत ने जोर देकर कहा कि इंडिया ब्लॉक को हमेशा ‘चौकन्ना’ रहना चाहिए क्योंकि मणिपुर और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल संसद में आवाज उठाना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वहां विपक्ष की आवाज को अक्सर दबा दिया जाता है।
संजय राउत की इस सार्वजनिक आलोचना पर कांग्रेस ने बेहद संभलकर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने राउत के बयान का सम्मान करते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ नेता हैं और उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा। खेड़ा ने कहा, “संजय राउत ने जो कुछ भी कहा है, बेशक इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी पार्टनर उसे सुनेंगे और चर्चा करेंगे कि भविष्य में क्या कदम उठाने हैं।” कांग्रेस के इस जवाब से स्पष्ट है कि पार्टी फिलहाल सहयोगियों के साथ किसी भी टकराव से बचना चाहती है और गठबंधन को एकजुट रखने के लिए राउत के सुझावों पर विचार करने का संकेत दे रही है।