अब आजमी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Abu Azmi Statement On Muslim Safety In India: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक अबू आजमी ने एक बार फिर अपने बयानों से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए आजमी ने देश में मुसलमानों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के दौर में देश का मुसलमान खुद को 100 प्रतिशत सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
अबू आजमी ने आरोप लगाया कि साल 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद से देश का माहौल बदला है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की धार्मिक पहचान, उनकी दाढ़ी और टोपी को निशाना बनाया जा रहा है। उनके धार्मिक मामलों में बेवजह दखल दिया जा रहा है। आजमी ने ट्रेन में लातूर जा रहे एक मुस्लिम व्यक्ति पर हुए हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि नफरत इस कदर फैल गई है कि अब पढ़े-लिखे और अच्छे लोग भी भेदभाव करने लगे हैं। उनके अनुसार, यह सब केवल सत्ता में बने रहने के लिए किया गया एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा है।
बीएमसी की मेयर रितु तावड़े के ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए आजमी ने मुसलमानों की देशभक्ति का लोहा मनवाया। उन्होंने याद दिलाया कि ‘सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ का नारा एक मुसलमान ने ही दिया था। उन्होंने कहा कि आजादी के समय से लेकर आज तक, जब भी सरहद पर जरूरत पड़ी है, मुसलमानों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है। हमारी वफादारी पर शक करना बंद होना चाहिए।
घुसपैठ के मुद्दे पर आजमी ने गेंद सरकार के पाले में डाल दी। उन्होंने सवाल किया कि अगर देश में बांग्लादेशी घुसपैठिए आ रहे हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? बॉर्डर की सुरक्षा करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। आधार कार्ड और पासपोर्ट सरकारी एजेंसियां बना रही हैं, विपक्ष नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष और मुसलमानों पर दोष मढ़ती है।
अबू आजमी ने आतंकवाद और पाकिस्तान के मुद्दे पर बेहद सख्त लहजा अपनाया। उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो हमें उस हाथ को थामने के बजाय तोड़ देना चाहिए, क्योंकि वे हाथ भारत में आतंकवाद फैलाने के जिम्मेदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य रूप से भारत पाकिस्तान से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है और हमें झुकने की जरूरत नहीं है।
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अंत में, विधायक ने महाराष्ट्र और देश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है। मर्डर, रेप और ड्रग्स जैसे जघन्य अपराधों के बाद भी अपराधियों को लगता है कि वे सिस्टम की कमियों या रिश्वत के दम पर बच निकलेंगे।