अब्दुल सत्तार का बीजेपी पर हमला, बोले- शिवसेना को ‘स्लो पॉइजन’ देकर कमजोर किया जा रहा
Abdul Sattar BJP Shiv Sena Mahayuti Row: विधान परिषद चुनाव से पहले महायुति में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। अब्दुल सत्तार ने बीजेपी पर शिवसेना को कमजोर करने का आरोप लगाया।
- Written By: अपूर्वा नायक
अब्दुल सत्तार और संजय राऊत (सौ. डिजाइन फोटो )
Abdul Sattar BJP Shiv Sena Mahayuti Row News: शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता व पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने महायुति सरकार के खिलाफ बड़ा हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी शिवसेना को खत्म करने के लिए स्लो पॉइजन दे रही है। बीजेपी शिवसेना की जमीनी पकड़ मिटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दोनों शिवसेना को एक होने की पैरवी की है।
पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के अनुसार बीजेपी शिवसेना का हाथ-पैर छांटने पर तुली हुई है। विधायक निधि आवंटन में बीजेपी शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है। खुद उनको क्षेत्र के विकास के लिए निधि नहीं मिल रही है।
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सत्तार की यह नाराजगी उनके बेटे समीर सत्तार को शिंदे गुट की ओर से विधान परिषद का टिकट न मिलने के कारण सामने आई है। समीर ने संभाजीनगर-जालना सीट से बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवार सुहास शिरसाट के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरा है। इस बीच बढ़ते विवाद को देखेत हुए अब्दुल सत्तार को मुंबई बुलाया गया था।
बीजेपी भूल गई पुराना राजनीतिक समझौता
सत्तार ने अपनी खुद की राय व्यक्त करते हुए कहा कि बीजेपी उन सीटों पर दावा की है जिन पर पहले से शिवसेना का कब्जा था। सरकार बनाने के लिए बीजेपी अपने पुराने राजनीतिक समझौतों को जल्दी भूल गई।
गुवाहाटी में देवी कामाख्या हमारी कुर्बानियों को जानती हैं, लेकिन बीजेपी उन्हें भूल गई है। वे हमारी पार्टी में फूट डालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी नेता अधिक ताकतवर हो रहे हैं, जबकि शिवसेना स्ट्रक्चरल रूप से कमजोर हो रही है। शिवसेना पहले जिला परिषद और मनपा पर राज करती थी। अब हम पूरी तरह से सत्ता से बाहर हो रहे हैं।
पछतावा है तो लौट आएं: राऊत
यूबीटी नेता संजय राऊत ने कहा कि 2022 में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गए नेताओं को यदि अपनी गलती का पछतावा है तो उन्हें उद्धव ठाकरे नीत पार्टी में वापस लौट आना चाहिए, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि, कुछ लोगों को पार्टी में दोबारा शामिल नहीं किया जाएगा, यदि किसी को अपनी गलती पर पछतावा है।
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भाजपा जिस तरह उनका अपमान कर रही है, उससे उन्हें लग रहा है कि उन्होंने गलत फैसला लिया था तो उन्हें पार्टी में वापस आ जाना चाहिए, राऊत की यह टिप्पणी अब्दुल सत्तार के उस क्यान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने यूबीटी के हाथ-पैर काट दिए, उसने संभाजीनगर जिले में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का सिर ही काट दिया।
