मुंबई के आरे में अवैध दरगाह पर चला बुलडोजर; 70 हजार वर्ग फुट सरकारी जमीन मुक्त कराने की कार्रवाई
Aarey Dargah Demolition Kirit Somaiya 2026: मुंबई के आरे कॉलोनी में 70 हजार वर्ग फुट सरकारी जमीन पर बनी अवैध दरगाह पर चला बुलडोजर। किरीट सोमैया ने उठाया था मुद्दा।
- Written By: अनिल सिंह
आरे दरगाह पर हुई कार्रवाई के दौरान पहुंचे वारिस पठान (फोटो क्रेडिट-X)
Aarey Dargah Demolition Goregaon: मुंबई का आरे क्षेत्र अपने घने जंगलों और पर्यावरण संवेदनशीलता के कारण हमेशा से चर्चा में रहता है। इसी क्षेत्र में स्थित हजरत सैयद बरकत अली शाह बाबा दरगाह के खिलाफ जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा यह संयुक्त तोड़क कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह अवैध दरगाह पूरी तरह से सरकारी भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाई गई थी और धीरे-धीरे इसके आसपास का दायरा काफी बढ़ा लिया गया था। हालांकि, दूसरी तरफ स्थानीय नागरिकों और दरगाह से जुड़े लोगों का दावा है कि यह धार्मिक स्थल कई दशक पुराना है और इसे अवैध बताना पूरी तरह से गलत है।
इस मामले को लेकर पिछले कुछ महीनों से प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर प्रक्रियाएं चल रही थीं। सभी कानूनी पहलुओं और कागजातों की बारीकी से जांच पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने इस तोड़क कार्रवाई को अंजाम देने का अंतिम फैसला किया। कुछ दिनों पहले ही बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने भी इस स्थान का व्यक्तिगत दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था।
किरीट सोमैया ने अप्रैल 2026 में उजागर किया था पूरा मामला
इस पूरे विवाद को राजनीतिक और प्रशासनिक पटल पर लाने का श्रेय बीजेपी नेता किरीट सोमैया को जाता है। सोमैया ने अप्रैल 2026 में आरे कॉलोनी गोरेगांव के इस परिसर का दौरा कर बड़े पैमाने पर हो रहे भू-अतिक्रमण और अवैध पक्के निर्माण का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने तत्कालीन दस्तावेजों का हवाला देते हुए जिला कलेक्टर और संबंधित प्राधिकरणों को पत्र लिखकर इस हरित क्षेत्र को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने और अवैध ढांचे को तत्काल जमींदोज करने की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
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सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और बांद्रा की घटना से सबक लेकर अभेद्य सुरक्षा
चूंकि आरे कॉलोनी का यह इलाका संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) का ही एक विस्तारित हिस्सा है, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे बेहद संवेदनशील माना जाता है। हाल ही में मुंबई के बांद्रा गरीबनगर इलाके में हुई एक तोड़क कार्रवाई के दौरान उपद्रवियों द्वारा पुलिस टीम पर किए गए भारी पथराव की घटना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा जोखिमों को लेकर पहले ही जिला प्रशासन को सचेत कर दिया था, जिसके बाद आज पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आरे कॉलोनी एक पूर्णतः संरक्षित हरित क्षेत्र है। बॉम्बे हाई कोर्ट और देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने इस पूरे बेल्ट में किसी भी प्रकार के नए गैर-कानूनी और व्यावसायिक निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में सरकारी जमीन पर 70,000 वर्ग फुट का यह अतिक्रमण सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों का उल्लंघन था। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आरे के जंगलों और सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा।
