

ED Raids Dawood Aide Salim Dola: प्रवर्तन निदेशालय ने अंडरवर्ल्ड और मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए होने वाली अवैध कमाई के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गई यह बड़ी कार्रवाई पूरी तरह से मोहम्मद सलीम डोला और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों पर केंद्रित है। डोला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार और तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, यह मनी लॉन्ड्रिंग केस डोला और उसके सिंडिकेट के खिलाफ मुंबई पुलिस तथा अन्य मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों द्वारा दर्ज की गई कई अलग-अलग प्राथमिकियों (FIR) के आधार पर तैयार किया गया है।
इसी साल अप्रैल में तुर्किये से भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद से ही सलीम डोला विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर था। दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) द्वारा की गई उसकी गिरफ्तारी के बाद, अब ईडी ने इस सिंडिकेट के वित्तीय साम्राज्य की जड़ों को खोदना शुरू कर दिया है ताकि अंडरवर्ल्ड को होने वाली फंडिंग को रोका जा सके।
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि सलीम डोला का यह सिंडिकेट कृत्रिम मादक पदार्थ मेफेड्रोन के अवैध निर्माण और देशव्यापी वितरण में लिप्त था। आज सुबह शुरू हुई छापेमारी की कार्रवाई मुख्य रूप से उन परिसरों में की जा रही है जो रासायनिक पदार्थों के थोक आपूर्तिकर्ताओं और केमिकल के व्यापार में लगे संदिग्ध बिचौलियों से जुड़े हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इन वैध दिखने वाले रासायनिक व्यवसायों की आड़ में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने का काला खेल खेला जा रहा था।
नशीले पदार्थों की तस्करी से कमाए गए करोड़ों रुपये को देश-विदेश में खपाने के लिए डोला ने एक विशाल नेटवर्क तैयार किया था। ईडी की टीमें मुंबई, सूरत और अंकलेश्वर में उन हवाला संचालकों के ठिकानों पर दस्तावेज़ों की सघन जांच कर रही हैं, जिन्होंने इस अवैध धन को सफेद करने में मदद की। इसके अतिरिक्त, ड्रग्स के काले कारोबार से अर्जित किए गए पैसों से खरीदी गईं कई आलीशान बेनामी संपत्तियों के वास्तविक मालिकों और उनके कागजातों को भी ईडी ने अपने कब्जे में ले लिया है।
भरूच जिले के अंकलेश्वर जैसे बड़े रासायनिक और औद्योगिक हब (Chemical Hub) में ईडी की इस औचक दबिश से स्थानीय व्यापारिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है। अंडरवर्ल्ड और ड्रग्स के इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए ईडी के अधिकारी डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के विवरणों और हार्ड डिस्क को जब्त कर आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच चल रही ईडी की छापेमारी में आने वाले दिनों में कुछ बड़े चेहरों की गिरफ्तारियों और कई करोड़ मूल्य की संपत्तियों के अटैचमेंट (जब्ती) की उम्मीद जताई जा रही है।