खुले और क्षतिग्रस्त मैनहोल से बढ़ा खतरा, ‘मुंबई मार्च’ ने BMC से मांगा तत्काल हस्तक्षेप
Mumbai Manhole Damage: मानसून पूर्व नाला सफाई के दौरान बड़ी संख्या में मैनहोल क्षतिग्रस्त होने के मामले सामने आए हैं। इसे गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए बीएमसी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई मैनहोल सेफ्टी का मामला (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Manhole Damage Drain Cleaning Safety: मुंबई शहर में इन दिनों चल रहे मानसून पूर्व नाला सफाई कार्य के दौरान ठेकेदारों की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में मैनहोल क्षतिग्रस्त होने के मामले सामने आए हैं। खुले और टूटे हुए मैनहोल्स की वजह से मुंबईकरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मुद्दे को लेकर सामाजिक संस्था ‘मुंबई मार्च’ ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था ने अपने पत्र में कहा है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज की सफाई के दौरान ठेकेदारों के मजदूर सीमेंट के भारी ढक्कनों को गलत तरीके से खोल रहे हैं।
उपकरणों की कमी के कारण ये ढक्कन टूट रहे
उचित प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण ये ढक्कन टूट रहे हैं। विशेष रूप से बोरीवली पूर्व इलाके में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। कई स्थानों पर टूटे हुए मैनहोल ढक्कनों को उसी हालत में छोड़ दिया गया है, जिससे पैदल यात्रियों, वाहन चालकों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की जान को खतरा पैदा हो गया है। इस दौरान संस्था की ओर से वर्ष 2017 में डॉ दीपक अमरापुरकर की हुई दुखद मौत की घटना का भी उल्लेख किया गया है।
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तो दोबारा हो सकती हैं घटनाएं
संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती है। मैनहोल्स की क्षति के कारण सार्वजनिक धन का भी नुकसान हो रहा है।
समस्या के समाधान के लिए मजदूरों को उचित प्रशिक्षण देने, टूटे हुए ढक्कनों को तुरंत बदलने साथ ही जहां कार्य जारी है वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील पंकज त्रिवेदी, गोपाल झवेरी और अन्य सदस्यों ने पत्र के माध्यम से की है।
