

Mira Bhayandar Municipal Monsoon Preparation: मीरा-भाईंदर मनपा ने आगामी मानसून को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को मनपा मुख्यालय में आयोजित आपदा प्रबंधन एवं मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में आयुक्त राधाबिनोद ए। शर्मा ने सभी विभागों को 25 मई तक जरूरी काम हर हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत, उपायुक्त डॉ। सचिन बांगर, कविता बोरकर, प्रणाली घोंगे, स्वप्निल सावंत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा पुलिस, एमएमआरडीए, मेट्रो परियोजना, एनएचएआई, अदानी पावर, टाटा पावर, एमटीएनएल, महानगर गैस और वन विभाग के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
मानसून के दौरान किसी भी हादसे से बचने के लिए आयुक्त ने शहर की जर्जर इमारतों की प्रभाग वार सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इन इमारतों को 'अत्यधिक खतरनाक', 'खतरनाक' और 'संभावित खतरनाक' श्रेणियों में बांटा जाएगा। साथ ही, ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने, नोटिस जारी करने और आश्रय केंद्रों की व्यवस्था तत्काल करने को कहा गया है। 15 मई के बाद खुदाई पर रोक आयुक्त ने साफ कहा कि 15 मई के बाद किसी भी प्रकार की सड़क या पाइप लाइन खुदाई की अनुमति नहीं होगी। एमटीएनएल और एमजीएल समेत अन्य एजेंसियों को लंबित खुदाई कार्य तुरंत पूरा कर सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सड़कों को गड्ढामुक्त रखने, मैनहोल और सीवर ढक्कनों की तुरंत मरम्मत करने तथा निर्माणाधीन इमारतों के आसपास सुरक्षा जाल लगाने के निर्देश दिए गए। बिजली के खंभों की जांच, खुले केबल और डीपी बॉक्स की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक सिग्नल को लगातार चालू रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। यातायात विभाग को स्पीड ब्रेकर और जेब्रा क्रॉसिंग का पेट कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मीरा-भाईंदर मनपा ने बंद और प्राकृतिक नालों की सफाई निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के आदेश दिए हैं। सफाई के बाद जमा गंदगी को तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, राजमार्ग किनारे जमा मलबा हटाने और अवैध रूप से मलबा फेंकने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।
मानसून में जल जनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए जलापूर्ति विभाग को पानी की शुद्धता बनाए रखने, पर्याप्त क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों का पर्याप्त भंडार रखने और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
पिछले साल की तरह इस वर्ष भी सभी विभागीय कार्यालयों और अग्निशमन केंद्रों में 24×7 आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। आयुक्त ने रबर बोट, वॉटर पंप व अन्य आपदा राहत उपकरणों - की कार्यशील स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए, इसके अलावा भूस्खलन और जलभराव संभावित क्षेत्रों में झोपड़ियों व मकानों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने तथा जरूरत पड़ने पर स्कूलों को अस्थायी आश्रय केंद्र के रूप में तैयार रखने की योजना बनाने को कहा गया है।