मुंबई में 114 करोड़ की नाला सफाई पर सवाल, बीएमसी के 100% दावे के बीच नालों में दिखा कचरे का अंबार
Mumbai Drain Cleaning Claims: बीएमसी जहां नालों की 100 प्रतिशत से अधिक सफाई का दावा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और है। धारावी, गोवंडी और पोइसर जैसे इलाकों में नालों में अब भी कचरा भरा हुआ है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई ड्रेन क्लीनिंग विवाद (सौजन्यः सोशल मीडिया) फाइल फोटो
Mumbai Drain Cleaning Claims Questioned Before Monsoon: मानसून के पहले मुंबई में नाला सफाई एक अहम कार्य माना जाता है। क्योंकि नाले में अगर तैरता कचरा न दिखे या नाला पूरी तरह से अगर साफ हो तो जलजमाव होने की संभावना बहुत कम होती है।
बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, बड़े नालों व छोटे नालों की सफाई 100 प्रतिशत से अधिक हो गई है, लेकिन ग्राउंड की तस्वीरें कुछ और बयां कर रही है। वर्ष 2026 में नालों की सफाई के लिए 114 करोड़ रुपये खर्च किए गए और जनता के पैसे ठेकेदार गटक गए, लेकिन नालों की सफाई नहीं हो पाई।
गौरतलब है कि बीएमसी अधिकारियों ने नालों की सफाई कागज पर दिखा दी है, लेकिन जब नवभारत ने शहर के विभिन्न नालों की पड़ताल की, तो पाया कि कई नालों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। इस वर्ष बड़े नाले, छोटे नाले व मीठी नदी की सफाई के लिए लगभग 114 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नाला सफाई के नाम पर केवल खाना पूर्ति की जा रही है।
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प्रशासन का दावा 100 प्रतिशत से अधिक सफाई
बीएमसी प्रशासन का कहना है कि बुधवार तक मुंबई शहर में 114.90 प्रतिशत नालों की सफाई हो गई है, वही पूर्वी उपनगर में 95.54 प्रतिशत, पश्चिमी उपनगर में 110.88 प्रतिशत सफाई की जा चुकी है। मीठी नदी से गाद निकालने का कार्य 74.73 प्रतिशत पूरा किया गया है।
धारावी में नाला सफाई में सुस्ती
- धारावी में नाला सफाई का काम सुस्त गति से जारी है। गुरूवार को नाला सफाई का काम जारी था, लेकिन स्थानीय जनता सफाई से खुश नहीं है। उनका कहना है कि मानसून आने से पहले ही नाला साफ हो जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हुआ है।
- यह नाला मुख्य रूप से माहिम खाड़ी में जाकर मिलता है और मध्य मुंबई के कई घनी आबादी वाले इलाकों धारावी, सायन, माटुंगा, माहिम और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।
- लोगों का कहना है कि पिछले मॉनसून की तरह इस मॉनसून में भी हमारे घरों में पानी भरेगा।
आदर्श नगर के नाले में कचरे का ढेर
- गोवंडी स्थित शिवाजी नगर में आदर्श नगर नाले की सफाई सिर्फ 20 प्रतिशत हुई है, स्थानीय नगरसेवकों का आरोप है कि बीएमसी अधिकारी बात नहीं सुनते हैं।
- स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार काम नहीं करता है। पिछले वर्ष मानसून के दौरान आदर्श नगर, शिवाजी नगर, बैंगनवाड़ी रोड और नाले के किनारे स्थित कई बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे।
- कई घरों में पानी घुस गया था, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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पोइसर नाला भी नहीं हुआ साफ
पोइसर नाले में भी कचरा तैरता हुआ दिखाई दिया, इस नाले की सफाई नहीं होने की वजह से लोग नाराज है। उनका कहना है कि मानसून में नाला जाम होने की वजह से घरों में पानी भर जाता है। नवभारत की पाठकों से अपील है कि वह कचरा नाले में नहीं फेंके और कूड़ादान का इस्तेमाल करें। नाले में कचरे फेंकने से नाला जाम हो जाता है।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए ब्रिजेश पाठक की रिपोर्ट
