NHSRCL bullet train infrastructure (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project: देश की सबसे पहली बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अपनी उपलब्धियों को लेकर चर्चा में है। पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली परियोजना के लिए मणिनगर में अहमदाबाद-वडोदरा रेलवे लाइन के ऊपर लगभग 1360 मीट्रिक टन की सबसे भारी प्रीकास्ट-प्रेस्ट्रेस्ड पोर्टल बीम (गर्डर) की लांचिंग की गई। इस चुनौतीपूर्ण बीम लांचिंग की जानकारी स्वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट के माध्यम से दी।
एनएचआरसीएल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कठिन काम सिर्फ साढ़े तीन घंटे से कम समय में पूरा किया गया। इसके लिए भारतीय रेलवे के साथ तालमेल बिठाकर ट्रैफिक और बिजली की सप्लाई पूरी तरह से रोक दी गई थी। पहले इसी काम के लिए छह महीने तक चलने वाले लंबे समय के लिए सावधानी बरतने के आदेश जारी करने की योजना थी, जिसके लिए लगभग 9 घंटे तक ट्रैफिक रोकने की जरूरत पड़ती।
यह गर्डर अहमदाबाद-वडोदरा सेक्शन की दोनों लाइनों के ऊपर रखा गया है। बीम उठाने का काम मुख्य तौर पर 2200 मीट्रिक टन वज़न उठाने वाले क्रॉलर क्रेन की मदद से किया गया। इसके साथ ही 260 टन वजन उठाने वाला एक स्टैंडबाय क्रेन, 80 टन वज़न उठाने वाला एक और क्रेन, लोगों को ऊपर उठाने वाली मशीनें (मैन लिफ़्टर) और एंकरिंग फ्रेम वाला एक लिफ़्टर बीम सिस्टम जैसी दूसरी मशीनें भी इस्तेमाल की गईं।
यह पोर्टल बीम एक प्रीकास्ट कंक्रीट संरचना है, जिसकी लंबाई 34 मीटर है और इसका क्रॉस-सेक्शन 5.5 मीटर x 4.5 मीटर है। मणिनगर रेलवे स्टेशन के पास ऐसे कुल 5 बीम स्थापित किए जाने की योजना है। इन बीम का निर्माण साइट पर ही प्रीकास्ट रूप में किया जा रहा है। पूरी लॉन्चिंग प्रक्रिया सख्त सुरक्षा मानकों के तहत लगभग 3.5 घंटे की कम अवधि में पूरी की गई। अहमदाबाद-वडोदरा सेक्शन काफी व्यस्त रहता है। इस मार्ग पर आने वाले समय में नीचे ट्रेन और ऊपर बुलेट ट्रेन चलेगी।
लिफ्टिंग ऑपरेशन 2200 मीट्रिक टन क्षमता वाले क्रॉलर क्रेन के माध्यम से किया गया, जिसे सहायक उपकरणों जैसे 260 टन का स्टैंडबाय क्रेन, 80 टन का क्रेन, मैन लिफ्टर, और एंकरिंग फ्रेम के साथ लिफ्टर बीम सिस्टम से पूरा किया गया। इस लिफ्टिंग व्यवस्था में 75 मि.मी. व्यास के प्रेस्ट्रेस्ड मैकएलॉय बार, लिफ्टिंग बीम और हेवी-ड्यूटी स्लिंग्स का उपयोग किया गया, जिससे इस विशाल भार को सुरक्षित रूप से संभाला जा सके।
ये भी पढ़े: अश्लील साइटों पर 50 रुपए में मिल रहा था अशोक खरात का वीडियो, SIT ने लिया बड़ा एक्शन, 6 गिरफ्तार
यह ऑपरेशन कई इंजीनियरिंग चुनौतियों से भरा था। जिसमें लगभग 1360 मीट्रिक टन के अल्ट्रा-हेवी लिफ्ट को संभालना था। इस विशालकाय बीम की लॉन्चिंग मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में NHSRCL की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि गुजरात में अगले वर्ष तक बुलेट ट्रेन का पहला चरण शुरू करने की योजना है।