2 नाबालिग लड़कियों ने गर्भवती होने के बाद दिया बच्चे को जन्म, पुलिस ने 2 युवकों के खिलाफ की कार्रवाई

अमरावती के मेलघाट में 2 नाबालिग लड़कियों के 'कुंवारी माता' बनने की झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। प्रेम संबंधों व शारीरिक शोषण के कारण हुई इस त्रासदी ने दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा पर सवाल खड़े हैं।
Two minor girls gave birth after becoming pregnant; police have taken action against two young men
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Amravati District Hospital Delivery News: अमरावती जिले के मेलघाट जैसे अतिदुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र से एक चिंताजनक सामाजिक मामला सामने आया है।

यहाँ दो अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिग लड़कियां 'कुंवारी माता' बन गई हैं। इन दोनों ही मामलों में पीड़ितों की प्रसूति अमरावती के जिला अस्पताल में हुई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

धारणी और चिखलदरा पुलिस थाना क्षेत्रों में इन वारदातों को लेकर संबंधित युवकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।

धारणी मामला: शारीरिक शोषण के बाद हुई डिलीवरी

पहली घटना धारणी थाना क्षेत्र की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग का एक 20 वर्षीय युवक के साथ प्रेम संबंध था। इस दौरान युवक ने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। प्रसव पीड़ा होने पर उसे इलाज के लिए अमरावती जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसने शिशु को जन्म दिया। माँ के नाबालिग होने का खुलासा होते ही अस्पताल प्रशासन ने गाडगेनगर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शून्य पर मामला दर्ज कर इसे आगे की जांच के लिए धारणी पुलिस को सौंप दिया है।

चिखलदरा मामला: प्रेम संबंध के बाद गर्भवती

दूसरी घटना चिखलदरा थाना क्षेत्र में घटित हुई। यहाँ भी एक नाबालिग लड़की का एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग था, जिसके बाद वह अपनी मर्जी से युवक के घर रहने चली गई थी।

शारीरिक संबंधों के कारण वह गर्भवती हुई और 15 दिसंबर 2025 को जिला अस्पताल में उसकी प्रसूति हुई। यहाँ भी उम्र का पता चलते ही गाडगेनगर पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया।

चूंकि घटनास्थल चिखलदरा था, इसलिए पुलिस ने संबंधित युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर फाइल चिखलदरा पुलिस को भेज दी है।

दुर्गम क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव

इन घटनाओं ने मेलघाट जैसे क्षेत्रों में नाबालिगों की सुरक्षा और कानूनी जागरूकता की कमी को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस अब दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की वैधानिक प्रक्रिया में जुट गई है।

प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं से मांग की जा रही है कि ऐसे क्षेत्रों में बाल विवाह और यौन शोषण के खिलाफ व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाए ताकि मासूमों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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