महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहें, मनोज जरांगे की मराठा समुदाय से अपील

मनोज जरांगे ने मंगलवार को मराठा समुदाय से विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा। जरांगे ने कहा कि अगर उन्हें (मराठा) आरक्षण चाहिए तो उनके पास राजनीति में आने और सत्ता हासिल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जरांगे ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मराठा राज्य की सत्ता में आएंगे।
Manoj Jarange
मनोज जरांगे (फाइल फोटो: सोशल मीडिया)
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जालना. महाराष्ट्र में आगमी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनितिक दलों की तैयारियां जोरों पर शुरू है। लोकसभा चुनाव में बड़े झटके के बाद महायुति इस चुनाव को हर हाल में जितने की कोशिश में है। वहीं, विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) भी अपना अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने पर जोर दे रहा है। इसी बीच मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को मराठा समुदाय से विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा। जरांगे ने कहा कि अगर उन्हें (मराठा) आरक्षण चाहिए तो उनके पास राजनीति में आने और सत्ता हासिल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जरांगे ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मराठा राज्य की सत्ता में आएंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।

जरांगे ने कहा कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करना चाहते, लेकिन मराठा समुदाय के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की आवश्यकता उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर कर सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि मराठा, मुस्लिम और दलित आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे, जो हाल के लोकसभा चुनाव में देखी गई ‘‘लहर'' के समान होगा।

जरांगे ने कहा, "यदि हम मराठा समुदाय के लिए आरक्षण चाहते हैं तो हमारे पास राजनीति में प्रवेश करने और सत्ता में आने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।" उन्होंने इच्छुक उम्मीदवारों से चुनाव की तैयारी करने का आग्रह किया तथा संकेत दिया कि उनके राजनीतिक प्रवेश के संबंध में निर्णय 29 अगस्त को होने वाली बैठक में किया जाएगा। उन्होंने दावा किया, "जहां नेता अपने-अपने दलों से जुड़े हुए हैं, वहीं 'आम लोग हमारे साथ हैं।"

जरांगे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा नेताओं को उनके खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस ने मराठा आरक्षण के खिलाफ एक अभियान की योजना बनायी थी और दावा किया कि उपमुख्यमंत्री के इशारे पर समुदाय के कुछ नेता आरक्षण की मांग के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हम राज्य में अशांति पैदा करने के फडणवीस के सपने को नाकाम कर देंगे। महाराष्ट्र एक शांतिपूर्ण राज्य है जहां सभी धर्मों और जातियों के लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं।" (एजेंसी एडिटेट)

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