अगर CM पद की पेशकश की जाती तो पूरी पार्टी साथ ले आता, अजित पवार के बयान से मचा बवाल

अजित पवार ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश की होती तो वह पूरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को अपने साथ ले आते। अजित पवार ने जुलाई 2023 में अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी थी और वह राकांपा को तोड़कर भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे।
If I was offered the post of CM, I would have brought the whole party with me: Ajit Pawar
अजित पवार (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

ठाणे: महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। सभी पार्टीयों ने अपनी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिससे सियासत गरमाई हुई है। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश की होती तो वह पूरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को अपने साथ ले आते।

अजित पवार ने वर्तमान मुख्यमंत्री की जीवनी ‘योद्धा कर्मयोगी - एकनाथ संभाजी शिंदे' के विमोचन के अवसर पर मजाकिया लहजे में कहा कि राजनीति में वह मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोनों से वरिष्ठ हैं। इस कार्यक्रम में शिंदे और फडणवीस भी मौजूद थे।

सभी आगे निकल गए और मैं पीछे रह गया

जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी थी और वह राकांपा को तोड़कर भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे। अजित पवार ने कहा, ‘‘सभी आगे निकल गए और मैं पीछे रह गया।''

मैं पूरी पार्टी को साथ ले आता

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस पहली बार 1999 में और शिंदे 2004 में विधायक बने थे, जबकि वह पहली बार 1990 में विधानसभा के सदस्य बने थे। पवार ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘मैंने कुछ लोगों से मजाक में कहा था कि जब आपने (भाजपा की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए) एकनाथ शिंदे से कहा था कि वे इतने विधायकों के साथ आएं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाएगा...तो आपको मुझसे पूछना चाहिए था। मैं पूरी पार्टी को साथ ले आता।'' पवार ने बनावटी गंभीरता के साथ कहा, ‘‘जीवन में होता वही है जो भाग्य में लिखा होता है।''

सत्ता बरकरार रखेगी महायुति

पवार के इस टिप्पणी पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े। इस अवसर पर फडणवीस ने कहा कि वह एक ही विधानसभा कार्यकाल (2019 से 2024 के बीच) के दौरान मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और फिर उपमुख्यमंत्री बने और इसी तरह, पवार भी एक ही अवधि के दौरान उपमुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और फिर उपमुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री शिंदे ने बाद में पत्रकारों से बात करते हुए विश्वास जताया कि पिछले दो वर्षों में विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के कारण उनकी सरकार विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता बरकरार रखेगी।

इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 13 सीट जीतीं तथा उसकी सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने क्रमश: नौ और आठ सीट जीतीं। कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) का महा विकास आघाड़ी (एमवीए) इस बार सरकार गठन के प्रयास में है।  (एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com