ठग कांस्टेबल पुलिस की गिरफ्त में, थाने में जब्त वाहन बेचने का झांसा देकर कई लोगों को चूना लगाया
थाने में जब्त वाहन की नीलामी में सेटिंग कर लोगों को सस्ते दाम में दोपहिया वाहन दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले ठग पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ जरीपटका थाने में 2 मामले दर्ज हुए है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
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नागपुर: थाने में जब्त वाहन की नीलामी में सेटिंग कर लोगों को सस्ते दाम में दोपहिया वाहन दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले ठग पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ जरीपटका थाने में 2 मामले दर्ज हुए है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। फिलहाल तो उसके खिलाफ 2 एफआईआर दर्ज हुई है लेकिन बताया जाता है कि इस तरह कांस्टेबल ने 10 लोगों से पैसे लिए है।
आरोपी कांस्टेबल पांचपावली पुलिस क्वार्टर निवासी सचिन भाऊराव ढोले (38) बताया गया। फिलहाल उसकी पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय में है लेकिन जानकारी मिली है कि वह पिछले 3 महीनों से ड्यूटी पर अनुपस्थित था। जरीपटका पुलिस ने कुशीनगर निवासी हिमांशु राजेश वाघमारे (21) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। हिमांशु शिक्षण ले रहा है। उसके पिता राजेश ऑटो चालक है। कुछ समय पहले उनकी सचिन से मुलाकात हुई थी। सचिन ने उन्हें अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बारे में पूछा था।
अलग-अलग खातों में जमा करवाई रकम
13 सितंबर को सचिन ने राजेश को बताया कि पांचपावली पुलिस थाने में कई वाहन जब्त है। वाहनों की नीलामी होनी है और उसकी अच्छी सेटिंग है। उसने सेटिंग से 30,000 रुपये में मोपेड और 20,000 रुपये में बाइक दिलाने का झांसा दिया। राजेश ने बेटे हिमांशु को जानकारी दी। हिमांशु ने मोपेड खरीदने की इच्छा जाहिर की, जबकि उसका दोस्त बाइक लेने वाला था। सचिन ने पहले 20,000 रुपये किसी निखिल भारद्वाज नामक व्यक्ति के खाते में जमा करवाए। बाकी 30,000 रुपये स्कैनर भेजकर अपने खाते में लिए। ये लेन-देन सीएमपीडीआई रोड पर स्थित ग्रीन टी स्टॉल में हुआ।
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बहाने से ले गया मोटरसाइकिल
14 सितंबर को सचिन ने हिमांशु को फोन किया। जरूरी काम होने की जानकारी दी और 15 मिनट के लिए उसकी एमएच-49/एक्यू-6466 नंबर की मोटरसाइकिल ले गया। 6 घंटे बीतने के बाद हिमांशु ने उससे बाइक के बारे में पूछा तो किसी काम में फंसे होने की जानकारी दी और 15 सितंबर को बाइक लौटाने का आश्वासन दिया। दूसरे दिन भी वह टालमटोल करने लगा। हिमांशु ने पांचपावली पुलिस थाने जाकर जांच पड़ताल कि तो पता चला कि सचिन हेड क्वार्टर में तैनात है। वह इसी तरह लोगों को फंसाता है। इसके पहले भी उसके खिलाफ शिकायतें मिली हैं।
2 दिन की पुलिस हिरासत
हिमांशु ने तुरंत जरीपटका थाने पहुंचकर शिकायत की। इंस्पेक्टर अरूण क्षीरसागर ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश करने पर 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली। इसी बीच एक और पीड़ित थाने पहुंचा। उसे भी सचिन ने वाहन दिलाने का झांसा देकर 1।25 लाख रुपये का चूना लगाया था। जरीपटका पुलिस ने 2 मामले दर्ज किए हैं। सचिन के खिलाफ और भी मामले दर्ज हो सकते हैं। (कार्यालय प्रतिनिधि)
