नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को मंजूरी, 856 किमी एक्सप्रेसवे का रास्ता साफ, अब शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
Nagpur Goa Expressway: 856 किमी लंबे नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए अंतिम अधिसूचना जारी हो गई है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे, नागपुर-गोवा मार्ग, भूमि अधिग्रहण, विदर्भ,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Goa Shaktipeeth Expressway: नागपुर महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक 856 किलोमीटर लंबे ‘नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे’ के लिए सरकार ने अंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ ही अब एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है परियोजना का दायरा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस प्रमुख परियोजना का उद्देश्य विदर्भ को गोवा से एक हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ना है। यह एक्सप्रेसवे राज्य के कई महत्वपूर्ण शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ेगा।
किमी कुल 856 लंबाई लगभग
विस्तारः यह एक्सप्रेसवे 13 जिलो, 40 तालुकों और 409 गांवों से होकर गुजरेगा।
प्रमुख मार्गः यह मार्ग वर्धा जिले के दिगराज से शुरू होकर सिंधुदुर्ग जिले के बांदा तक जाएगा।
कवर होने वाले जिलेः इसमें यवतमाल, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, लातूर, धाराशिव, सोलापुर, सांगली, सतारा और कोल्हापुर जैसे जिले शामिल है।
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सर्वेक्षण प्रक्रिया और निवेश
अधिसूचना जारी होने के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) उन 298 गांवों में संयुक्त सर्वेक्षण शुरू करेगा, जहां अब तक प्रक्रियात्मक काम लंबित था। इस विशाल परियोजना घर लगभग 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
यात्रा समय में आएगी कमी
इस एक्सप्रेसवे के बनने से महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार इस हाईवे के चालू होने के बाद नागपुर से गोवा के बीच की यात्रा का समय वर्तमान के करीब 21 घंटे से घटकर मात्र 8 घंटे रह जाएगा। यह परियोजना न केवल पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य के विदर्भ और कोंकण क्षेत्रों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
