भारी बारिश पर राज्य सरकार अलर्ट, CM फडणवीस ने समीक्षा बैठक में NDRF-SDRF को 24 घंटे सतर्क रहने के दिए निर्देश
CM Fadnavis Appeal Stay Home: महाराष्ट्र में लगातार भारी बारिश के बीच सरकार अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 24x7 निगरानी के निर्देश दिए और नागरिकों से अगले दो दिन घरों में रहने की अपील की।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
CM ने आपदा प्रबंधन कक्ष का निरिक्षण किया (फोटो नवभारत)
Rain Alert CM Fadnavis Appeal Stay Home: मुंबई एमएमआर सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बीते तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
आसमानी संकट के और विकट होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय स्थित आपदा प्रबंधन कक्ष से राज्य की स्थिति की समीक्षा की।
सीएम देवेंद्र ने सभी प्रशासनिक और आपातकालीन प्रणालियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि बहुत जरूरी न होने पर अगले दो दिनों तक घरों में ही रहें।
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NDRF-SDRF को मुस्तैद रहने के निर्देश
मुंबई और तटीय जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और समुद्र में हाई टाइड आने की आशंका के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एससीआरएफ) की टीमों को तुरंत रवाना किया जाए।
इसके साथ ही, मुंबई-अहमदाबाद और मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भूस्खलन के मलबे को हटाकर यातायात सुचारू रखने के लिए समन्वय बिठाया गया है।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर में पर्यटकों पर विशेष नजर
अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण नासिक और त्र्यंबकेश्वर में बादलों के गरजने के साथ करीब 300 मिलीमीटर तक भारी बारिश की संभावना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि निचले इलाकों में जलभराव रोकने के उपाय करें और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें। सुरक्षा के मद्देनजर निजी प्रतिष्ठानों से कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की रियायत देने को कहा गया है।
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पुणे में भी आपदा प्रबंधन के कड़े इंतजाम
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने पुणे जिले में अतिवृष्टि के कारण बने हालातों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपर्क टूटने वाले गांवों में युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाया जाए।
उन्होंने जिला प्रशासन को वारकरियों, बुजुर्गों और बच्चों की विशेष देखभाल करने तथा खतरनाक पुलों या घाटों पर कड़ा बंदोबस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
