महाराष्ट्र में आपातकाल! नासिक में बादल फटने की आशंका और राज्य में भारी बारिश के बीच, सुप्रिया सुले की मांग
Supriya Sule Devendra Fadnavis Maharashtra Rain Emergency: नासिक में बादल फटने की आशंका और मुंबई-पुणे संपर्क टूटने पर सुप्रिया सुले ने सीएम फडणवीस से आपातकाल घोषित करने की मांग की।
- Written By: अनिल सिंह
सुप्रिया सुले की सीएम फडणवीस से बड़ी मांग (फोटो क्रेडिट-X)
Supriya Sule Emergency Demand: पूरे महाराष्ट्र में इस समय आफत की बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। इसी बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य की मौजूदा गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से महाराष्ट्र में तुरंत ‘आपातकाल’ घोषित करने की बड़ी मांग की है।
सुप्रिया सुले ने मानखुर्द हादसे, भूस्खलन, और करोड़ों की लागत से तैयार हुई ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना की दुर्दशा का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई और पुणे जैसे दो प्रमुख शहरों के बीच संपर्क पूरी तरह से ठप हो गया है, जो बेहद चिंताजनक है।
मुंबई-पुण्यासह अनेक भागात सध्या मुसळधार पाऊस सुरु आहे. यामुळे शहरांमध्ये अनेक ठिकाणी जनजीवन विस्कळीत झाले आहे. वाहतूकीची कोंडी होत असून यामुळे नागरीकांना मोठा त्रास सहन करावा लागत आहे. माझी शासनाला विनंती आहे की, पुण्यातील राजीव गांधी इन्फोटेक पार्कसह पावसाचा तडाखा बसलेल्या… — Supriya Sule (@supriya_sule) July 6, 2026
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सुप्रिया सुले का तीखा हमला
सांसद सुप्रिया सुले ने अपने संबोधन में कहा कि मुंबई-पुणे में बारिश होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन ऐसा खौफनाक नजारा पहले कभी नहीं देखा गया। भारी बारिश के चलते मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग, ताम्हिनी घाट और मिसिंग लिंक समेत कई महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बंद हैं। आलंदी में बाढ़ जैसे हालात हैं और रेल सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
सुले ने धूमधाम से उद्घाटित हुई ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के सुरक्षा ऑडिट पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इतनी भारी धनराशि खर्च करते समय प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखा गया था? उन्होंने वसई-विरार, भांडुप और मुंबई की अन्य परियोजनाओं में पर्यावरण की अनदेखी के आरोपों की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
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नासिक-त्र्यंबकेश्वर में बादल फटने की भीषण आशंका, अलर्ट पर प्रशासन
एक तरफ जहां विपक्ष सरकार को घेर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को नासिक जिले के लिए एक बेहद गंभीर और उच्च चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं जानकारी देते हुए बताया कि नासिक में एक बहुत बड़ा निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके कारण नासिक और त्र्यंबकेश्वर के बीच के इलाकों में भीषण बादल फटने की संभावना बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, नासिक में लगभग 300 mm तक मूसलाधार बारिश हो सकती है, जो एक बड़ी आपदा का रूप ले सकती है. इस खतरे को देखते हुए नासिक जिला प्रशासन ने आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है और जिले के स्कूलों में कल (7 जुलाई) छुट्टी घोषित की जा सकती है।
आपदा प्रबंधन पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष को दबाने में व्यस्त हैं शासक
सत्ताधारी दल पर कड़ा निशाना साधते हुए सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई करने में व्यस्त है, जबकि आम नागरिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनता में इस प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है।
सुले ने यह भी जोड़ा कि आगामी संसद सत्र में ‘भारतीय अघाड़ी’ (I.N.D.I.A. Alliance) इस मानवीय संकट, बुनियादी ढांचे की विफलता और अन्य भ्रष्टाचार के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाएगी और इसके लिए अघाड़ी की बैठकों में रणनीति तैयार की जा रही है। फिलहाल स्थिति को देखते हुए राज्य भर में निजी दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों को बंद रखने के निर्देश लागू हैं।
