Maharashtra Development News: महाराष्ट्र में विकास का पहिया पूरी तरह थम गया है। राज्य की सड़कों, पुलों और जल परियोजनाओं को संवारने वाले हाथ अब विरोध में मुड़ गए हैं। नवंबर 2024 में नई सरकार के गठन के बाद से बीते 17 महीनों में राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर जो गंभीर सवाल खड़े हुए थे, वे अब एक बड़े संकट के रूप में सामने आ चुके हैं।
महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ ने सरकार पर केवल आश्वासनों की बारिश करने और खजाना खाली होने का डर दिखाकर विकास कार्यों की राशि रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। बकाया भुगतान न होने के कारण राज्य के ठेकेदार अब आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं, जिसके विरोध में 7 अप्रैल से पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को ठप करने का कड़ा निर्णय लिया गया है। महासंघ की ओर से जारी आंकड़ों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
विकास कार्य ठप, ठेकेदारों का आंदोलन शुरूपिछले वर्ष विभिन्न विभागों की कुल बकाया राशि 1,16,500 करोड़ रुपये थी, जो लंबे समय बाद भी घटकर 96,400 करोड़ रुपये पर ही टिकी हुई है। इसका हृदयविदारक पहलू यह है कि पिछले 17 महीनों में सरकार ने 3 लाख ठेकेदारों और उनसे जुड़े 4 करोड़ लोगों के परिवारों के लिए केवल 20,000 करोड़ रुपये ही जारी किए हैं।
वर्तमान में जल जीवन मिशन में 35,000 करोड़, सार्वजनिक निर्माण विभाग में 29,000 करोड़, जिला नियोजन समिति के कार्यों में 11,000 करोड़ और जल संसाधन विभाग में 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। इसके अलावा ग्राम विकास, पर्यटन और नगर विकास विभागों में भी करोड़ों की राशि अधर में है।
सरकार पर वादाखिलाफी के आरोपमहाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ के अध्यक्ष इंजीनियर मिलिंद भोसले ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को कई बार लिखित निवेदन दिए गए, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल बैठकों के झूठे आश्वासन मिले।
ठेकेदारों का कहना है कि सरकार ने उन्हें जानबूझकर आर्थिक खाई में धकेल दिया है, जिससे अब काम जारी रखना असंभव हो गया है। सुनील नगराले, राजेश देशमुख और संजय मैंद सहित राज्य के सभी पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक लंबित बिलों का भुगतान नहीं होता, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
इस हड़ताल का सीधा असर अब आम जनता और मानसून से पूर्व होने वाले जरूरी कार्यों पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में जनता की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।