महाराष्ट्र में कैब राइड कैंसिल करना चालकों को पड़ेगा भारी, महत्वपूर्ण स्थानों के लिए लगेगा 5 गुना जुर्माना!
Maharashtra Cab Cancellation Rules: महाराष्ट्र की नई एग्रीगेटर नीति के तहत एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल की कैब बुकिंग रद्द करने पर चालकों पर 5 गुना तक जुर्माना लगेगा। जुर्माना यात्री को मिलेगा।
- Written By: रूपम सिंह
कैब राइड कैंसिल (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI)
Maharashtra Cab Aggregator Rules 2026: मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में अब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगहों के लिए बुक की गई कैब राइड मनमाने ढंग से रद्द करना चालकों को भारी पड़ेगा। राज्य सरकार की नई एग्रीगेटर नीति के तहत ऐसी बुकिंग रद्द करने पर सामान्य जुर्माने से पांच गुना अधिक दंड लगाया जाएगा और वसूली गई राशि सीधे यात्री के ऐप खाते में जमा होगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस सख्त व्यवस्था से खासकर मुंबई जैसे महानगर में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
आमतौर पर कम दूरी की बुकिंग का पता चलते ही कैब चालक उसे रद्द कर देते हैं, जिससे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब सरकार के इस कदम से अंतिम समय में राइड कैंसिलेशन पर लगाम लगेगी।
राज्य सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को विनियमित करने के लिए हाल ही में व्यापक एग्रीगेटर नीति लागू की है। इसके लागू होने के एक सप्ताह बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में से एक पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके तहत समय संवेदनशील यात्राओं के लिए बुकिंग स्वीकार करने के बाद राइड रद्द करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। महाराष्ट्र मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम, 2026 के नियम-17 के अनुसार यात्रा स्वीकार करने के बाद उसे रद्द करने वाले चालक पर कुल किराए का 10 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
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यात्रियों पर भी लागू होंगे नियम
- यदि चालक तय समय से 10 मिनट के भीतर यात्री तक नहीं पहुंचता, तो इसे भी चालक द्वारा राइड रद्द माना जाएगा और 100 रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के लिए बुक की गई राइड रद्द करने पर यह जुर्माना पांच गुना तक होगा।
- सरकार ने एग्रीगेटर कंपनियों को ऐप में ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे चालक ऐसी महत्वपूर्ण यात्राओं को रद्द करने से बचे। नए नियम केवल चालकों पर ही नहीं, बल्कि यात्रियों पर भी लागू होंगे।
- बिना उचित कारण यात्रा रद्द करने पर यात्री को कुल किराए का 5 फीसदी या अधिकतम 100 रुपये जुर्माना देना होगा। यह राशि संबंधित चालक को मिलेगी।
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खराबी आने पर दूसरी कैब अनिवार्य
यात्रा के दौरान कैब खराब होने पर एग्रीगेटर कंपनी को शहरी निकाय क्षेत्रों में 30 मिनट और 100 किमी से अधिक की अंतर-शहरी यात्रा में 60 मिनट के भीतर दूसरी कैब उपलब्ध करानी होगी। ऐसा न करने पर कंपनी पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
महानगर के कैब यात्रियों को राहत एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के लिए अंतिम समय में कैब रद्द होने की बढ़ती शिकायतों के बीच नए नियम यात्रियों को राहत देंगे। बेहतर किराये के लालच में बुकिंग रद्द करने वाले चालकों पर अंकुश लगेगा। हालांकि यात्रियों का कहना है कि इन नियमों का फायदा तभी मिलेगा, जब इनका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
- कैब चालक राहुल शार्दुल ने बाताया की अगर नए नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं तो यह अच्छा कदम है। कई बार यात्री भी बिना वजह आखिरी समय पर राइड रद्द कर देते हैं, जिससे हमारा समय और कमाई दोनों प्रभावित होते हैं। वहीं, ड्राइवरों को भी बुकिंग रद्द करने से बचना चाहिए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो और दोनों पक्षों के बीच भरोसा बना रहे।
- यात्री दर्शन परब ने बाताया की अक्सर आखिरी समय पर कैब रद्द होने से अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी के साथ ही फ्लाइट, ट्रेन या जरूरी काम छूटने का डर बना रहता है। अगर बुकिंग रद्द करने पर सख्त जुर्माना और नियमों का ईमानदारी से पालन हुआ, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और ऐप आधारित कैब सेवाओं पर भरोसा बढ़ेगा।
