मरीजों को अस्पताल न पहुंचाने वाले ऑटो-टैक्सी वालों पर लगेगा 5 गुना जुर्माना

Maharashtra Cab Aggregator Rules: मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में अब कैब ड्राइवरों द्वारा एयरपोर्ट, अस्पताल व स्टेशन की राइड रद्द करने पर 5 गुना जुर्माना लगेगा। इस फैसले से यात्रियों को फायदा पहुंचेगा।
Maharashtra Cab Aggregator Rules
ओला, उबर और रैपिडो के लिए नए नियम (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Maharashtra Cab Aggregator Rules Cancellation Penalty: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं (Ola, Uber, Rapido) का इस्तेमाल करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत और सौगात का ऐलान किया है। अक्सर देखा जाता है कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या अस्पताल जैसी अति-संवेदनशील और जरूरी जगहों के लिए कैब बुक करने के बाद ड्राइवर मनमाने ढंग से राइड कैंसल कर देते हैं, जिससे यात्रियों की फ्लाइट या ट्रेन छूट जाती है अथवा आपातकालीन इलाज में देरी होती है।

अब राज्य सरकार की नई व्यापक एग्रीगेटर नीति के तहत इस तरह की मनमानी पर रोक लगाने के लिए बेहद सख्त कानूनी और वित्तीय प्रावधान लागू किए गए हैं। समय-संवेदनशील यात्राओं की बुकिंग रद्द करने पर कैब ड्राइवरों पर सामान्य जुर्माने से पांच गुना अधिक दंड लगाया जाएगा, और सबसे राहत की बात यह है कि यह वसूली गई राशि सीधे पीड़ित यात्री के ऐप खाते में जमा की जाएगी।

जानिए क्या हैं जुर्माने के प्रावधान

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में अधिसूचित 'महाराष्ट्र मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम, 2026' के नियम-17 के अनुसार, यात्रा स्वीकार करने के बाद उसे मनमाने ढंग से रद्द करने वाले चालक पर कुल किराए का 10 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि चालक बुकिंग स्वीकार करने के बाद तय समय से 10 मिनट के भीतर यात्री तक नहीं पहुंचता है, तो उसे भी चालक द्वारा ही राइड कैंसिलेशन माना जाएगा और 100 रुपये का दंड लगेगा।

वहीं, ऑटो-टैक्सी बुकिंग किसी अस्पताल, हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशन के लिए की गई है, तो जुर्माने की यह राशि पांच गुना तक बढ़ा दी जाएगी। राज्य सरकार ने एग्रीगेटर कंपनियों (ओला, उबर, आदि) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने मोबाइल ऐप में ऐसा तकनीकी संशोधन करें जिससे चालक ऐसी महत्वपूर्ण यात्राओं को रद्द न कर सकें।

यात्रियों पर भी लागू होंगे नियम; दोनों पक्षों की जवाबदेही तय

नई एग्रीगेटर नीति को पारदर्शी और संतुलित बनाने के लिए नियमों का दायरा केवल कैब ड्राइवरों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि यात्रियों की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि कोई यात्री बिना किसी ठोस या उचित कारण के अचानक अपनी बुक की गई राइड कैंसल करता है, तो उसे कुल किराए का 5 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक पेनल्टी देनी होगी।

यात्री से काटी गई जुर्माने की यह राशि संबंधित कैब चालक के खाते में क्षतिपूर्ति के रूप में जमा करा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से चालक और यात्री दोनों के समय की कद्र होगी और अनावश्यक कैंसिलेशन पर अंकुश लगेगा।

तकनीकी खराबी पर 30 से 60 मिनट में देनी होगी दूसरी कैब

यात्रा के दौरान होने वाली असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति में यह भी अनिवार्य किया गया है कि यदि सफर के दौरान कैब में कोई तकनीकी खराबी आ जाती है, तो एग्रीगेटर कंपनी को नगर निगम (मनपा) क्षेत्र के भीतर 30 मिनट के अंदर और 100 किलोमीटर से अधिक की अंतर-शहरी (Inter-city) यात्रा के दौरान 60 मिनट के भीतर वैकल्पिक कैब उपलब्ध करानी होगी।

यदि कंपनी ऐसा करने में विफल रहती है, तो उस पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुंबई के नियमित यात्रियों और यात्री संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि उनका कहना है कि इस जनहितकारी नीति का वास्तविक लाभ धरातल पर कड़ाई से अनुपालन कराने के बाद ही दिखेगा।

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