487 करोड़ का नागपुर स्टेशन प्रोजेक्ट धीमा, 2027 की डेडलाइन पर सवाल; 2029 तक खिंचने की आशंका

Nagpur Railway Station: 487.77 करोड़ की लागत से नागपुर स्टेशन का वर्ल्ड क्लास पुनर्विकास जारी है। 2027 का लक्ष्य तय, लेकिन धीमी रफ्तार के चलते प्रोजेक्ट 2029 तक खिंचने की आशंका।
₹487 Crore Nagpur Station Project Slows Down; 2027 Deadline in Doubt, Feared to Drag on Until 2029
नागपुर रेलवे स्टेशन, स्टेशन पुनर्विकास,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Railway Station Redevelopment: देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल नागपुर स्टेशन को 487।77 करोड़ रुपये की लागत से वर्ल्ड क्लास स्वरूप दिया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ जारी स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट अब जमीन से ऊपर दिखाई देने लगा है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का दावा है कि वर्ष 2027 तक यात्रियों को नया स्टेशन नजर आने लगेगा लेकिन वर्तमान कार्य-गति को देखकर यह लक्ष्य मुश्किल प्रतीत हो रहा है, अंदरखाने में अब चर्चा है कि प्रोजेक्ट की गति ऐसी ही रही तो काम 2029 तक भी खिंच सकता है। कारण है छोटे-छोटे कामों के लिए बड़ी इमारतों का ध्वस्तीकरण रुका होना, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गढ़ नागपुर में ही स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की धीमी पड़ रही रफ्तार अब सवाल खड़े कर रही है।

लॉकअप ने बांधे हाथ पश्चिमी भाग में हैरिटेज इमारत से लगी दूसरी लाल इमारत का ध्वस्तीकरण पिछले 3-4 महीनों से अटका हुआ है। यहां से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, लोहमार्ग थाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, क्लार्क रूम, जन आहार और रेस्टोरेंट को प्लेटफॉर्म नंबर 1 के इटारसी छोर पर बनी नई इमारत में शिफ्ट किया जाना है लेकिन आरपीएफ और जीआरपी थाने के लिए लॉकअप की व्यवस्था नहीं होने से शिफ्टिंग नहीं हो पा रही। यदि समय रहते लॉकअप बन जाता तो दोनों एजेंसियां स्थानांतरित हो चुकी होतों और ध्वस्तीकरण शुरू हो गया होता।

डेडलाइन बढ़ने के बावजूद काम अधूरा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को नागपुर और अजनी स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया था। नागपुर स्टेशन के लिए 36 महीने की समय सीमा तय की गई थी जो दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुकी है। प्रोजेक्ट को एक वर्ष का एक्सटेंशन दिया गया जिसमें से 5 महीने बीत चुके है। बावजूद इसके कई महत्वपूर्ण काम अधूरे हैं। ऐसे में आने वाले समय में डेडलाइन दोबारा बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बहुत दूर है मंजिल

वेटिंग एरिया (कॉनकोर्स): 2,600 वर्ग मी रिटेल कॉनकोर्स - 600 वर्ग मी। टिकट काउंटर पूर्वी भाग में 70 वर्ग मी।। पश्चिमी भाग में 60 वर्ग मी। टैक्सियों, निजी कारों, तिपहिया वाहनों आदि के लिए डेडिकेटेड लैन के साथ ड्राप ऑफ एरिया।

पूर्वी भाग में तेज, पश्चिमी हिस्से में सुस्ती

प्रोजेक्ट के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 2 और पूर्वी भाग में युद्ध स्तर पर काम जारी है। पीएफ 2 को 52 दिनों के लिए बंद कर शेड के पिलर बेस का निर्माण किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पश्चिमी भाग में करीब एक वर्ष से प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि पूर्वी भाग में एक इमारत पूरी हो गई और दूसरी इमारत का काम भी बहुत तेजी से जारी है।

बहुत काम बाकी है...

  •  मेट्रो स्टेशन के साथ एकीकरण के साथ पश्चिम भाग में नये भवन (जी+2)
  • मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी
  • 21 लिफ्ट, 17 एस्केलेटर, 6 ट्रैवलेटर
  • एलिवेटेड कॉनफोर्स (72 मी. बाय 66 मी.) का निर्माण
  • 18 मीटर के FOB के जरिये पूर्व और पश्चिम प्रस्थान दिग
  •  आने वाले यात्रियों के लिए 10 मी-10 मी. के 2 FOB
  • सेंट्रल FOB के साथ पूर्वी भाग में आगमन विंग तक पहुंच

वर्तमान स्थिति...

  1. पूर्वी भाग की एक मुख्य इमारत लगभग तैयार, फिनिशिंग कार्य जारी।
  2. इसी परिसर की विशाल अंडरग्राउंड पार्किंग अंतिम चरण में।
  3. मेट्रो स्टेशन से जुड़ने वाली दूसरी इमारत का निर्माण जारी।
  4. प्लेटफॉर्म 6-7 और 4-5 पर नई छत के लिए पिलर तैयार।
  5. प्लेटफॉर्म 2-3 तथा प्लेटफॉर्म के इटारसी छोर पर पिलर निर्माण जारी।
  6. ब्रिटिशकालीन एफओबी को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा।
  7. पश्चिमी भाग की अंडरग्राउंड पार्किंग लगभग पूरी।
  8. हेरिटेज इमारत के सामने सड़क व ट्रैफिक व्यवस्था का काम पूरा, स्ट्रीट लाइट भी लगीं।
  9. मेट्रो कनेक्टिविटी वाले नए एफओबी हेतु पुराना रिजर्वेशन हॉल ढहाया गया।
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