12 घंटे बिजली की मांग पर किसानों का महावितरण कार्यालय घेराव, 1 अगस्त को रास्ता रोको की चेतावनी

Bhandara Mahavitaran News: मोहाड़ी के करडी में बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर किसानों ने महावितरण कार्यालय पर मोर्चा निकाला। लिखित आश्वासन न मिलने पर 1 अगस्त को रास्ता रोको की चेतावनी दी।
Farmers in Kardi, Bhandara staged a protest against Mahavitaran demanding 12-hour power supply and threatened a 'Rasta Roko' agitation on August 1.
किसानों जोरदार मोर्चा (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Bhandara Power Outage Protest: मोहाड़ी तहसील के करडी बिजली वितरण कंपनी कार्यालय पर बुधवार को किसानों ने 12 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर जोरदार मोर्चा निकाला। किसानों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित आठ घंटे की बिजली भी नियमित रूप से नहीं मिलती। बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जांभोरा गांव से मोर्चे की शुरुआत हुई, जो सुबह करीब 11:30 बजे करडी स्थित महावितरण कार्यालय पहुंचा। यहां किसानों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, लेकिन उनका आरोप है कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन दिया गया, कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उपसरपंच यादवराव मुंगमोडे ने कहा कि जब तक 12 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति का ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक किसान अपना संघर्ष जारी रखेंगे। आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करडी पुलिस की

ओर से कड़ा सुरक्षा बंदोबस्त किया गया। इस अवसर पर उपसरपंच यादवराव मुंगमोडे, पंस सदस्य प्रीति शेंडे, पूर्व पंस सदस्य कवलू मुंगमोडे, विलास गोबाडे, सामाजिक कार्यकर्ता उमेश तुमसरे, पूर्व सरपंच जगदीश गोबाडे, अर्जुन समरीत, भूपेंद्र पवनकर, राधेश्याम ऊके, अर्चना गोबाडे, डॉ. बालकृष्ण गोबाडे, रमेश गोबाडे, घनश्याम समरीत, यशवंत गायधने, राधेश्याम साठवणे सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

 सकारात्मक समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन स्थगित

मोहाड़ी तहसील महावितरण के उपविभागीय अभियंता गिरीपुंजे ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार किया, लेकिन लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया। इसके चलते किसान दिनभर आंदोलन पर डटे रहे। हालांकि शाम 5 बजे तक भी कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो 1 अगस्त को रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और महावितरण की होगी।

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