Latur Teacher Drunk Paper Checking (फोटो क्रेडिट-X)
Latur Teacher Drunk Paper Checking: महाराष्ट्र का लातूर जिला अपनी उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली और ‘लातूर मॉडल’ के लिए पूरी दुनिया में एक मिसाल माना जाता है। यहाँ के छात्रों की सफलता की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन इसी गौरवशाली धरती से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर दिया है। लातूर के एक निजी स्कूल के शिक्षक का एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह शिक्षा की मर्यादाओं को ताक पर रखकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता नजर आ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह शिक्षक स्कूल की छत पर अपने दोस्तों के साथ शराब और सिगरेट की महफिल सजाए बैठा था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नशीली पार्टी के दौरान वह छात्रों की परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) की जांच कर रहा था। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षक न केवल खुद नशे में धुत होकर पेपर चेक कर रहा है, बल्कि वह अपने उन दोस्तों को भी छात्रों के पेपर जांचने के लिए दे रहा है, जो खुद नशे में लड़खड़ा रहे थे। इस गैर-जिम्मेदाराना कृत्य ने न केवल स्कूल की साख पर धब्बा लगाया है, बल्कि छात्रों के मूल्यांकन की निष्पक्षता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
ये भी पढ़ें- मुंबई में BEST Bus की हालत खराब, 16 हजार से ज्यादा पद खाली, ट्रांसपोर्ट सेवा प्रभावित
इस घटना का वीडियो जैसे ही सार्वजनिक हुआ, लातूर के अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को कड़ी मेहनत और भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं, लेकिन अगर शिक्षक ही नशे की हालत में पेपर जांचेंगे, तो बच्चों की मेहनत का सही मूल्यांकन कैसे होगा? नशे में धुत दोस्तों द्वारा पेपर पर लाल पेन चलाना छात्रों के अंकों और उनके करियर के साथ एक क्रूर मजाक है।
शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से ‘लातूर पैटर्न‘ की वर्षों की तपस्या और साख को गहरा धक्का लगता है। जहाँ एक तरफ इस जिले के शिक्षक छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं और चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसी ‘अघोरी’ हरकतें पूरे शिक्षक समुदाय को कटघरे में खड़ा करती हैं। इस घटना ने निजी स्कूलों के आंतरिक प्रबंधन और शिक्षकों की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, स्कूल प्रशासन इस मामले में रक्षात्मक मुद्रा में है और अभी तक आरोपी शिक्षक के खिलाफ किसी बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, जिला शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन तक यह मामला पहुँच चुका है। स्थानीय लोगों की मांग है कि आरोपी शिक्षक को तुरंत बर्खास्त किया जाए और स्कूल का लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य शिक्षक ऐसी जघन्य भूल करने का साहस न कर सके।