बेस्ट बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai BEST Bus Staff Shortage: मुंबई एवं उपनगरों में रोजाना 25 लाख से ज्यादा यात्रियों को ढोने वाली बेस्ट की स्थिति दिनों दिन ख़राब होती जा रही है। बेस्ट को कर्मचारियों अधिकारियों की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि बेस्ट मुंबई में ट्रांसपोर्ट सुविधा के साथ साथ बिजली सप्लाई का भी काम करता है,लेकिन कर्मचारियों की कमी का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर पड़ रहा है।
बेस्ट में मंजूर कुल 43,326 पोस्ट में से 16,290 से ज़्यादा पोस्ट खाली हैं,जिनमें से ज़्यादातर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में हैं। बसों की संख्या पहले से कुछ बढ़ी है, परंतु ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में कर्मचारियों की संख्या दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। इसके चलते नियोजन पर असर पड़ रहा है। टिकट चेकर्स की कमी से बिना टिकट पैसेंजर्स की संख्या बढ़ रही है, BEST Bus के रेवेन्यू और ऑपरेशन्स पर भी असर पड़ा है। इसके साथ कई बड़े अधिकारी और कर्मचारी रिटायरमेंट के कगार पर हैं। जबकि खाली पोस्ट्स भी नहीं भरी गई हैं।
रोजाना लगभग 2.5 मिलियन यात्रियों को सेवाएं देने वाली BEST Bus के बेड़े में कुल 2,800 बसें हैं। अब एसी बसों के लिए, बस रिपेयर के लिए ज़रूरी ड्राइवर और मैनपावर बस सप्लायर (कॉन्ट्रैक्टर) देते हैं। एक बस सप्लायर ने ड्राइवरों के साथ कुछ कंडक्टर भी दिए हैं। फिर भी, मैनपावर कम होने की वजह से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। ट्रांसपोर्ट ऑफिसर, असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर, टिकट इंस्पेक्टर, डिपो मैनेजर, असिस्टेंट डिपो मैनेजर, डिप्टी मैनेजर ऑफिसर के पदों के साथ-साथ अन्य पद भी खाली हैं।
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अगले 6-7 महीनों में बेस्ट उपक्रम में कई बड़े पद वाले अधिकारी रिटायर हो जाएंगे। इस वजह से उपक्रम का काम ठप होने की कगार पर है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से बढ़ाकर 60 साल करने का सुझाव BEST कमेटी की मीटिंग में दिया गया। BEST कमेटी प्रेसिडेंट तृष्णा विश्वासराव के अनुसार BEST में मैनपावर कम होने की वजह से अधिकारियों और कर्मचारियों की ज़रूरत है। उन्होंने इस बारे में अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को एक प्रपोज़ल भेजने और उस पर एक फिजिबल रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। ठेके पर कर्मचारियों एवं ठेकेदारों के मामले में कई शिकायतें सामने आई हैं।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट