Latur News: पंकजा मुंडे भी भूलीं आंबेडकर का नाम, ग्रामीणों ने किया तीव्र विरोध
Pankaja Munde: लातूर के जानवल गांव में जिला परिषद चुनाव प्रचार के दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को अभिवादन न करने पर पंकजा मुंडे का ग्रामीणों ने तीखा विरोध किया, जिससे उनका प्रचार अभियान प्रभावित हुआ।
- Written By: आंचल लोखंडे
Pankaja Munde (सोर्सः सोशल मीडिया)
Latur Zilla Parishad Election: लातूर जिले के जानवल गांव में जिला परिषद चुनाव प्रचार के दौरान पंकजा मुंडे को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उन्होंने सभा से पहले डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को अभिवादन नहीं किया। इस घटना को ग्रामीणों ने गंभीरता से लेते हुए पंकजा मुंडे के खिलाफ खुलकर विरोध दर्ज कराया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
जिला परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में विभिन्न नेता गांव-गांव जाकर प्रचार कर रहे हैं। इसी क्रम में पंकजा मुंडे लातूर जिले के दौरे पर थीं। जानवल गांव में आयोजित सभा से पहले उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को अभिवादन नहीं किया, जिससे ग्रामीणों में भारी असंतोष फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
गिरीश महाजन पर भी लग चुका है आरोप
स्थिति बिगड़ती देख पंकजा मुंडे को वहां से लौटना पड़ा। ग्रामीणों के इस कड़े विरोध के कारण उनका प्रचार अभियान प्रभावित हुआ है। इस घटना ने पंकजा मुंडे के चुनावी प्रचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पंकजा मुंडे से पहले भाजपा के वरिष्ठ मंत्री गिरीश महाजन पर भी बाबासाहेब आंबेडकर की अवमानना का आरोप लग चुका है।
सम्बंधित ख़बरें
Latur Coaching Industry: नीट पेपर लीक के बाद फेल हुआ लातूर मॉडल, कोचिंग उद्योग में 40% तक घटे प्रवेश
Coachingलातूर का कोचिंग बाजार ठंडा, नीट पेपर लीक के बाद लातूर कोचिंग उद्योग पर संकट, दाखिलों में 40% गिरावट
सांसद बनने के बाद हुआ आर्थिक नुकसान, कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे का बड़ा और अजब बयान
लातूर में रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा: तेज रफ्तार क्रेटा ने क्रूजर को मारी टक्कर, 3 की मौत, 17 घायल
ये भी पढ़े: वेतन बकाया रहने से घंटागाड़ी कर्मचारी भड़के, नगराध्यक्ष के आवास पर हक मांगने पहुंचे, अपमान का आरोप
अनजाने में हुई भूल
सोमवार (26 जनवरी) को गणतंत्र दिवस के अवसर पर नासिक में ध्वजारोहण के बाद एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने भाषण में बाबासाहेब का उल्लेख नहीं किया था। इस पर वन विभाग की एक महिला अधिकारी ने मंच से ही आपत्ति जताते हुए उन्हें टोका और संविधान के शिल्पकार का उल्लेख न करने का कारण पूछा। मामला बढ़ता देख गिरीश महाजन ने बाद में माफी मांगते हुए इसे अनजाने में हुई भूल बताया था।
