महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, अब मनमाने तरीके से नहीं हो सकेगा स्कूलों का स्थानांतरण
School Transfer Policy 2026: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के स्थानांतरण को लेकर नई सख्त नीति लागू की है। अब केवल विशेष परिस्थितियों में ही स्कूल शिफ्ट किए जा सकेंगे और कई नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र स्कूल ट्रांसफर पॉलिसी (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra New School Transfer Policy 2026: महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में स्कूलों के मनमाने स्थानांतरण पर रोक लगाने के लिए नई और कड़ी नीति लागू कर दी है।
अब स्कूलों को केवल खतरनाक इमारत, प्राकृतिक आपदा, विकास परियोजना या अपर्याप्त भौतिक सुविधाओं जैसी विशेष परिस्थितियों में ही स्थानांतरण की अनुमति मिलेगी।
कई शर्तें हुई अनिवार्य
नए नियमों के तहत आरटीई मानकों का पालन, विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण, दूरी सीमा का पालन और अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन जैसी शर्तें अनिवार्य कर दी गई हैं। सरकार का दावा है कि इस फैसले से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होने से बचेगी और स्कूलों के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
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जारी किए नए कड़े नियम
- महाराष्ट्र सरकार के स्कूली शिक्षा व खेल विभाग द्वारा 15 मई को जारी शासनादेश में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के स्थानांतरण के लिए सख्त और पारदर्शी मानदंड तय किए गए हैं।
- नई नीति के अनुसार अब स्कूलों को केवल अपवादात्मक परिस्थितियों या भौतिक सुविधाओं के उन्नयन के लिए ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी।
- जर्जर और खतरनाक इमारत, प्राकृतिक आपदा या विकास परियोजना से प्रभावित स्कूलों को स्थानांतरण की मंजूरी मिल सकेगी। इसके अलावा किराए की इमारत से संस्था की अपनी इमारत में जाना, किराया करार समाप्त होना या अपर्याप्त सुविधाओं के कारण बड़े और बेहतर भवन में स्थानांतरण भी मान्य कारण होंगे।
- सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए कई अनिवार्य शर्ते तय की हैं। इनमें सक्षम प्राधिकारी का प्रमाणपत्र, सार्वजनिक निर्माण विभाग से दूरी प्रमाणपत्र, स्थानीय स्वराज्य संस्था का अनापत्ति प्रमाणपत्र और आरटीई अधिनियम 2009 के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी होगा।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए धीरेंद्र उपाध्याय की रिपोर्ट
