महाराष्ट्र पुलिस में बड़ा स्कैम! लातूर SP ऑफिस के कर्मचारियों ने डकारे 2.38 करोड़, ऐसे खुला 10 साल पुराना राज
Latur Police Salary Scam: महाराष्ट्र के लातूर में पुलिस विभाग के वेतन में करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा हुआ है। कर्मचारियों ने 10 साल तक फर्जीवाड़ा कर सरकारी पैसा अपने निजी खातों में जमा कराया।
- Written By: आकाश मसने
लातूर SP ऑफिस (फाइल फोटो, सोशल मीडिया)
Latur SP Office Salary Scam: महाराष्ट्र के लातूर जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के वेतन विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने सरकारी वेतन राशि में हेराफेरी कर करीब 2 करोड़ 38 लाख 92 हजार रुपये अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। इस मामले में एक पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) समेत चार लोगों के खिलाफ शिवाजीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
लातूर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। आरोपियों में राहुल वागदरे, ब्रिजकिशोर ठाकूर, दत्तात्रय शिरसागर और श्रेणी पुलिस उपनिरीक्षक अजय सूर्यवंशी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि मई 2015 से मार्च 2025 के बीच वेतन विभाग में इंटेंसिव, बेसिक एरर, स्पेशल पे और रेफरेंस अलाउंस जैसे वेतन शीर्षकों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया।
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368 कर्मचारियों के वेतन में गड़बड़ी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और 368 कर्मचारियों के वेतन से अतिरिक्त रकम निकाली। जांच में राहुल वागदरे द्वारा करीब 90 लाख 57 हजार रुपये, ब्रिजकिशोर ठाकूर द्वारा 1 करोड़ 23 लाख 36 हजार रुपये और दत्तात्रय शिरसागर द्वारा 48 लाख 98 हजार रुपये लेने की बात सामने आई है। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
10 साल तक कैसे चलता रहा घोटाला?
लातूर पुलिस विभाग में हुए इस पूरे घोटाले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर 2015 से 2025 तक लगातार चल रही आर्थिक अनियमितताएं लेखा परीक्षण में क्यों नहीं पकड़ी गईं? 368 कर्मचारियों के वेतन खातों में अतिरिक्त राशि जमा होने के बावजूद किसी ने शिकायत क्यों नहीं की? साथ ही अतिरिक्त रकम वापस करते समय वह सरकारी खाते में जाने के बजाय आरोपियों के निजी खातों में कैसे पहुंचती रही, इस पर भी संदेह जताया जा रहा है।
3 आरोपी गिरफ्तार, 16 तक PCR
उदगीर के डीवायएसपी गजानन भातलवंडे की शिकायत पर शिवाजीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने राहुल वागदरे, ब्रिजकिशोर ठाकूर और दत्तात्रय क्षीरसागर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को लातूर अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 16 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
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गहन जांच के दिए आदेश
लातूर पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने बताया कि मामले की जानकारी सामने आते ही तुरंत केस दर्ज कर जांच के निर्देश दिए गए। पूरे घोटाले की जांच लातूर के पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है और वरिष्ठ स्तर पर भी मामले की गहन जांच की मांग उठ रही है।
