महाराष्ट्र 2030 तक बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी, CM फडणवीस ने CII Summit 2026 में पेश किया मास्टरप्लान

Devendra Fadnavis CII Summit 2026 Speech: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने CII समिट में महाराष्ट्र के भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का विजन पेश किया है।
CM Fadnavis presents master plan at CII Summit 2026 Maharashtra to become 1 trillion economy by 2030
CII Summit 2026 में मौजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अन्य (सोर्स: एक्स@CMOMaharashtra)
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Maharashtra 1 Trillion Economy Roadmap: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्ट्र के भविष्य के लिए हमारा रोडमैप साफ है और हमारा लक्ष्य साल 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और 2047 तक दुनिया की सबसे जरूरी रीजनल इकोनॉमी में से एक बनना है। महाराष्ट्र लीड करने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री फडणवीस दिल्ली के होटल ताज पैलेस में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की ओर से आयोजित दो दिवसीय सालाना बिजनेस समिट-2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र इस साल दावोस में लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव लाने में सफल रहा। आज के निवेशक रियायतों के साथ टिकाऊ भरोसे की तलाश में हैं। अनिश्चितता की दुनिया में भरोसा ही असली इकोनॉमिक कैपिटल है और महाराष्ट्र ने इस भरोसे को बनाने के लिए काम किया है।

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले सीएम फडणवीस?

CII Summit 2026 को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि दशकों से महाराष्ट्र भारत का इकोनॉमिक इंजन रहा है। अब हम महाराष्ट्र को ग्लोबल इकोनॉमी के अगले दौर के लिए तैयार कर रहे हैं। आज महाराष्ट्र 660 बिलियन डॉलर की इकोनॉमी है, जो भारत की जीडीपी में लगभग 15 प्रतिशत का योगदान देता है। भारत में कुल एफडीआई का लगभग 40 प्रतिशत अकेले महाराष्ट्र में निवेश किया गया है। भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट में राज्य की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से ज्यादा है। महाराष्ट्र देश का डेटा सेंटर और स्टार्टअप कैपिटल है।

एशिया का सबसे जरूरी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की इकोनॉमी हाईवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, डिजिटल नेटवर्क, रिसर्च लैब, स्टार्टअप इकोसिस्टम और यूनिवर्सिटी पर बनेगी। इसीलिए महाराष्ट्र में बहुत तेजी से निवेश हो रहा है। मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, समृद्धि महामार्ग, नयी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाढवण पोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वगैरह प्रोजेक्ट मिलकर महाराष्ट्र की इकोनॉमिक ज्योग्राफी बदल रहे हैं, जब ज्योग्राफी बदलती है, तो इकोनॉमी भी बदलती है। इसके लिए केवल इफ्रास्ट्रक्चर काफी नहीं है।

भविष्य की इकोनॉमी को लीड करने की कैपेसिटी एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एडवांस्ड प्रोडक्ट, क्लीन एनर्जी, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और 'डीप-टेक' इनोवेशन पर आधारित होगी। इसी आधार पर महाराष्ट्र खुद को इस बदलाव के केंद्र में खड़ा कर रहा है। आज महाराष्ट्र में भारत के सबसे बड़े जीसीसी सेंटर का 24 फीसदी है। यह राज्य एशिया के सबसे जरूरी राज्यों में से एक है।

महाराष्ट्र ग्लोबल इकोनॉमी के अगले दौर को तैयार

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भविष्य का इकोनॉमिक नेतृत्व इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, टैलेंट, क्लीन एनर्जी, सुनियोजित शहरीकरण, टेक्नोलॉजी और इंस्टीट्यूशनल भरोसे जैसे फैक्टर से तय होगा क्योंकि इन सभी ताकतों के साथ मिलकर काम करने वाली इकोनॉमी भविष्य को लीड करेगी। महाराष्ट्र में यह काबिलियत है। महाराष्ट्र ग्लोबल इकोनॉमी के अगले दौर के लिए तैयार है। इसके लिए सभी मोर्चों पर सोच-समझकर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार आज की दुनिया एक साथ कई बदलावों से गुजर रही है। इसमें जियोपॉलिटिकल बंटवारा, टेक्नोलॉजिकल उथल-पुथल, एनर्जी ट्रांजिशन, सप्लाई चेन में बदलाव और इकोनॉमिक ग्रोथ के भविष्य को लेकर बहुत अनिश्चितता शामिल है।

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