एकनाथ शिंदे का कोल्हापुर में बड़ा धमाका! सतेज पाटिल के ‘गढ़’ में सेंध, वफादार ने ही बिगाड़ा कांग्रेस का खेल
Kolhapur Election Result: : कोल्हापुर राजनीति में बड़ा उलटफेर! एकनाथ शिंदे के सिपाही शरंगधर देशमुख ने कांग्रेस के दिग्गज नेता सतेज पाटिल के करीबी को हराकर वार्ड नंबर 9 में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
- Written By: आकाश मसने
एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sharangdhar Deshmukh Victory In Kolhapur: महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में समय-समय पर बड़े उलटफेर देखने को मिलते हैं, लेकिन कोल्हापुर के वार्ड नंबर 9 के नतीजों ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार शरंगधर देशमुख ने अपने प्रतिद्वंद्वी को करारी शिकस्त देते हुए एक ऐसी जीत हासिल की है, जिसे राजनीतिक पंडित ‘सत्ता परिवर्तन का संकेत’ मान रहे हैं।
सतेज पाटिल के गढ़ में बड़ी सेंध
यह मुकाबला केवल दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया था। शरंगधर देशमुख ने कांग्रेस उम्मीदवार राहुल माने को लगभग 3,000 वोटों के भारी अंतर से हराया है। राहुल माने को विधायक सतेज पाटिल का बेहद भरोसेमंद माना जाता था। खुद पाटिल ने इस चुनाव को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन जनता ने शिंदे के नेतृत्व और देशमुख के पुराने रसूख पर मुहर लगाई।
वफादार से विरोधी तक का सफर
इस जीत की सबसे बड़ी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि शरंगधर देशमुख कभी कांग्रेस पार्टी के स्तंभ हुआ करते थे। वे लगभग एक दशक तक कांग्रेस के साथ रहे और नगर निगम में पार्टी की रणनीति बनाने में उनकी भूमिका अहम थी। विधायक सतेज पाटिल के साथ उनके पुराने संबंधों के कारण कांग्रेस को यकीन था कि यह सीट उनके हाथ से नहीं जाएगी। हालांकि, ऐन वक्त पर पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल होना और फिर जीत दर्ज करना, देशमुख के निजी प्रभाव और संगठनात्मक कौशल को दर्शाता है।
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शिंदे गुट के लिए क्या हैं इसके मायने?
कोल्हापुर हमेशा से कांग्रेस और एनसीपी का मजबूत केंद्र रहा है। ऐसे में एकनाथ शिंदे के वफादार की यह जीत आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और विधानसभा चुनावों के लिए बूस्टर डोज़ का काम करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत साबित करती है कि शिंदे गुट अब केवल मुंबई या ठाणे तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी महाराष्ट्र के भीतरी इलाकों में भी अपनी जड़ें जमा रहा है।
देशमुख की इस ‘जायंट किलर’ जीत ने कोल्हापुर नगर निगम के आगामी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। सतेज पाटिल के लिए यह एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
