संभाजीनगर में संपत्तियों का होगा टैक्स पुनर्मूल्यांकन, मनपा को राजस्व नुकसान; अधूरी जानकारी वाली इमारत पर नजर

Sambhajinagar Property Tax Revenue: संभाजीनगर मनपा ने कम कर देने वाली करीब 20 हजार संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है। राजस्व नुकसान रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
Property Tax Revaluation in Sambhajinagar; Municipal Corporation Faces Revenue Loss; Focus on Buildings with Incomplete Information
अनधिकृत निर्माण, संभाजीनगर मनपा,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sambhajinagar Property Tax Reassessment: छत्रपति संभाजीनगर बढ़ती आर्थिक तंगी के बीच मनपा ने अब संपत्ति कर व्यवस्था की खामियों पर ध्यान केंद्रित किया है। मनपा अभिलेखों में शहर में फिलहाल 3 लाख संपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें से लगभग 20 हजार संपत्तियों पर सालाना एक हजार रुपए से भी कम कर वसूला जा रहा है। इसे गंभीर राजस्व नुकसान मानते हुए प्रशासन ने इन संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन का निर्णय लिया है, पिछले 20 वर्षों में शहर के कई हिस्सों में अनाधिकृत व अधूरी टिप्पणी वाली इमारतों की संख्या बढ़ी है।

विशेष रूप से पुराने शहर, रमाई आवास योजना के मकान तथा झोपड़पट्टी क्षेत्रों में लोगों ने अतिरिक्त मंजिलें बनाकर निर्माण का विस्तार किया, लेकिन इन बदलावों की जानकारी कर विभाग के अभिलेखों में दर्ज नहीं की गई। इसके कारण वास्तविक निर्माण की तुलना में काफी कम टैक्स वसूला जा रहा है।

तिजोरी भरने की कवायद

मनपा ने आर्थिक मजबूती के लिए 3 प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं, जिसमें नई संपत्तियों का पंजीकरण, पुराने मामलों का अद्यतन व कर आधार का विस्तार। प्रशासन को उम्मीद है कि इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में मनपा के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

नई संपत्तियों की पहचान कर मूल्यांकन करने विशेष दल नियुक्त

इसका सीधा असर मनपा की तिजोरी पर पड़ा है। प्रशासन को हर महीने लगभग 20 करोड़ रुपये की वित्तीय कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण अब राजस्व बढ़ाने के लिए बहुआयामी अभियान शुरू किया गया है। उपायुक्त विकास नवाले के अनुसार शहर में संपत्ति कर वसूली अभियान तेज किया गया है। नई संपत्तियों की पहचान कर उन पर कर लगाया जा रहा है।

साथ ही जिन पुरानी संपत्तियों में अतिरिक्त निर्माण हुआ है, उनका पुनर्मूल्यांकन करने के लिए विशेष दल नियुक्त किए गए हैं। कर वसूली व राजस्व बढ़ाने के लिए मनपा मुख्यालय में अलग 'वॉर रूम' बनाया गया है। इसके बावजूद अपेक्षित वसूली नहीं होने से अब प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण व नई माप प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। संबंधित कर्मचारियों को क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

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