Jalna: गर्भपात की दवाओं की अवैध बिक्री, निगरानी की कमी मेडिकल स्टोर्स बेखौफ, भ्रूण हत्या का खतरा बढ़
Sambhajinagar जालना में बिना पर्ची गर्भपात की दवाओं की खुलेआम बिक्री से प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई। प्रतिबंधित दवाएं महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बनीं, जबकि निगरानी की कमी से अवैध कारोबार बढ़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स:सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: जालना जिले में मेडिकल स्टोर्स पर बिना डॉक्टर की पर्ची गर्भपात की दवाओं की खुलेआम बिक्री ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। अवैध दवाइयों से होने वाले गैरकानूनी गर्भपात, भ्रूण हत्या और महिलाओं के जीवन पर मंडराते खतरे ने स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को साफ उजागर कर दिया है। हाल ही में सामने आए मामलों से जानकार इसे लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की नियमित निगरानी न होने का फायदा उठाकर कुछ मेडिकल स्टोर्स मामूली लाभ के लिए गर्भपात की प्रतिबंधित दवाओं और इंजेक्शनों की अवैध बिक्री कर रहे हैं। हालांकि, भ्रूण हत्या रोकने के लिए सरकार व्यापक प्रयास कर रही है, पर यह कहना गलत नहीं होगा कि खतरनाक दवाओं की अनियंत्रित बिक्री सरकारी प्रयासों को कमजोर कर रही है।
हाल ही में भोकरदन क्षेत्र में अवैध गर्भ लिंग जांच केंद्र का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान गर्भपात के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल मेडिकल संचालकों पर भी कार्रवाई की गई। इससे पहले भी भोकरदन के एक अस्पताल पर छापेमारी में गर्भपात की दवाओं का अवैध भंडार जब्त किया गया था।
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महिलाओं की जान के साथ खिलवाड़
विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, इन दवाओं के गलत उपयोग से अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द, उल्टियां व डायरिया, रक्त के थक्के बनना, मस्तिष्क में थक्का पहुंचने पर कैंसर का खतरा व कई मामलों में स्थायी वंध्यत्व जैसी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती है। घर पर स्वयं गर्भपात करने की प्रवृत्ति कई महिलाओं के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से खतरे में डाल रही है।
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बढ़ रहा है कारोबार
- बदनापुर क्षेत्र में पकड़े गए एक अन्य अवैध गर्भपात केंद्र में भी ऐसी प्रतिबंधित दवाएं मिली थीं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि कुछ मेडिकल स्टोर्स पर बिना किसी प्रिर्सक्रिप्शन के गर्भपात की गोलियां आसानी से उपलब्ध हैं।
- कानून के अनुसार यह पूर्णतः अवैध है। गर्भपात की दवाएं शेड्यूल-H श्रेणी में आती हैं और उनकी बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है। समझा जाता है कि निरीक्षण की कमी के चलते यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
अवैध बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होगा रद्द
जिले 2,300 मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे है, नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के स्टॉक की भी लगातार जांच की जाती है। डॉक्टर की पर्ची के बिना एमटीपी किट की बिक्री पूर्णतः अवैध है। यदि किसी मेडिकल स्टोर पर गर्भपात की दवाओं की अवैध रूप से बिक्री पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
सहायक आयुक्त, अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग – जीवन जाधव
