Nashik Trimbakeshwar Infrastructure Works ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Trimbakeshwar Infrastructure Works: नासिक/त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए नासिक और त्र्यंबकेश्वर की सड़कों पर मची ‘खुदाई’ और धूल के गुबार ने नागरिकों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। कागजों पर इसे विकास की गंगा बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत में यह प्रशासन और राजनीति के गठजोड़ का एक संदिग्ध खेल नजर आ रहा है।
कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सरकार ने बड़े अधिकारियों की नियुक्तियां की हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली पर उंगलियां उठ रही हैं। तकनीकी रूप से इन अधिकारियों का काम निर्माण की गुणवत्ता और जनता की सुरक्षा देखना है, लेकिन फिलहाल अधिकारी केवल ‘प्रोग्रेस रिपोर्ट’ में उलझे हैं।
आम जनता धूल और ट्रैफिक में फंसकर दम तोड़ रही है। आरोप है कि अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय राजनीतिक आकाओं के दबाव में उन प्रोजेक्ट्स को तवज्जो दे रहे हैं, जिनसे किसी खास वर्ग को आर्थिक लाभ मिल सके।
शहर के जनप्रतिनिधियों का व्यवहार नागरिकों को और भी ज्यादा सशंकित कर रहा है, कुंभ मेला अब आस्था का विषय कम और राजनेताओं के लिए एक ‘इवेंट’ अधिक बन गया है।
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ठेकेदारों को संरक्षण देना और टैडर के खेल में चुप्पी रखधना अब आम चर्चा है। जनता के बीच यह चर्चा आम है कि विकास के नाम पर हो रही यह आपाधापी अगले चुनाव के लिए भारी-भरकम फंड जुटाने की तैयारी मात्र है, जब जनता गड्डों और धूल से त्रस्त है, तब कोई भी नेता अधिकारियों को फटकार लगाने के लिए सड़क पर उतरता दिखाई नहीं दे रहा।
प्रमुख मांगः पारदर्शी प्रशासन और ठेकेदारों पर लगाम।
बड़ी विफलताः निर्माण से पहले वैकल्पिक मार्ग का न होना।
स्वास्थ्य का संकटः धूल के कारण बढ़ रही असन संबंधी बीमारियां।
चेतावनीः यदि पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो यह कुंभ ‘भ्रष्टाचार के पर्याय’ के रूप में याद किया जाएगा।