प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dhangar reservation ST quota Maharashtra: जालना धनगर समाज को एसटी वर्ग से शिक्षा व नौकरी में आरक्षण देने की मांग को लेकर समाज के नेता दीपक बोराडे के मुंबई के आजाद मैदान में प्रस्तावित आंदोलन को प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
इस निर्णय के बाद बोराडे समर्थकों के आंदोलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल के 17 जनवरी को सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक जालना व अंबड़ शहर में कर्फ्यू लागू करने के आदेश जारी करने के बाद सन्नाटे का माहौल रहा।
प्रशासन के अनुसार, आंदोलन को लेकर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संभावना को देखते हुए और संबंधित पक्षों को नोटिस देकर सुनवाई के लिए पर्याप्त समय नहीं होने के चलते यह फैसला लिया गया। जानकारी के अनुसार, दीपक बोराडे 17 जनवरी को जालना से मुंबई के लिए रवाना होने वाले थे।
उनका प्रस्तावित मार्ग जालना से अंबड़, जामखेड़, पाचोड़, दावलवाड़ी, पैठण नाका, शेवगांव, अहिल्यानगर, पाथर्डी, पंढरपुर, सांगोला और पुणे होते हुए मुंबई तक तय था। वर्तमान में मनपा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते मुंबई पुलिस ने उन्हें आजाद मैदान में आंदोलन की अनुमति नहीं दी।
प्रशासन को आशंका है कि अनुमति न मिलने से धनगर समाज के आंदोलनकारी जालना व अंबड़ शहरों में एकत्र होकर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं।
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इसी पृष्ठभूमि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1) व 163 (2) के तहत कर्फ्यू लागू किया गया है। इसके चलते स्कूलों, कॉलेज बंद रहे व सड़कों पर आवाजाही भी काफी कम रही।